अन्ना – बाबा के अनशन में जुटे हजारों समर्थक

राजनीतिक ईमानदारी दिखाएं प्रधानमंत्री-रामदेव

नई दिल्ली, 3 जून, नससे. जंतर-मंतर पर पहुंचे बाबा रामदेव रविवार को सरकार पर जमकर बरसे. अन्ना के साथ साझा मंच से जंतर मंतर पर जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बेशक व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार हैं. लेकिन उन्हें इस दुनिया की सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक व संवैधानिक रूप से ईमानदार होना पड़ेगा, तभी वह अपने मंत्रिमंडल को ईमानदार रख पाएंगे और उनकी साफ सुथरी छवि बरकरार रह पाएगी.

उन्होंने जंतर मंतर से सरकार को अगस्त तक कालाधन वापस लाने का अल्टीमेटम भी दिया. बाबा रामदेव ने इस मौके पर राजनीतिक रैलियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर जुटी हजारों की भीड़ भाड़े पर लाई हुई नहीं है. उन्होंने कहा कि यहां मौजूद समर्थक इस बात का सबूत है कि वह भारत में फैले भ्रष्टाचार से दुखी हैं. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जो कुछ रामलीला मैदान में हुआ वह पूरी दुनिया ने देखा था. उन्होंने कहा कि आज सरकार की गलत नीतियों की बदौलत लाखों टन अनाज सड़ गया है. उन्होंने कहा कि किसान से अनाज नहीं खरीदा गया न ही किसानों को बारदाने का इंतजाम किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं लेकिन हमने एक नए पैसे की भी हेराफेरी नहीं की है.

उन्होंने कहा कि सरकार मजबूत जनलोकपाल बिल को लाने से क्यों डर रही है. उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों के बीच नारा दिया कि योग भी सिखाएंगे, देश भी बचाएंगे. उन्होंने कहा कि पीएम को चाहिए कि वह अपने मंत्रिमंडल में ईमानदार छवि के नेताओं को लाएं ताकि देश की जनता उनपर विश्वास कर सके. उन्होंने कहा कि आज देश की जनता का सरकार पर से विश्वास उठ गया है. यात्रा शुरू करने से पहले बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार विदेशों में जमा कालाधन अगस्त तक वापस लेकर आए. सरकार की गलत नीतियों की बदौलत देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से रुपये की हालत बेहद खस्ता है और महंगाई अपने चरम पर है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब विदेशों में जमा काला धन वापस लाकर उसे देश की आर्थिक हालत को सुधारने में लगाया जाए. इस अनशन के दौरान बाबा रामदेव 2०14 में होने वाले आम चुनाव की रणनीति की भी खुलासा करेंगे.

आजादी की दूसरी लड़ाई के लिए बैटरी चार्ज हो गई है- अन्ना

जंतर-मंतर पर आयोजित एक दिवसीय आंदोलन को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे कहा कि आजादी की दूसरी लड़ाई के लिए बैटरी चार्ज हो चुकी है. उन्होंने कहा कि जब तक प्राण हैं लड़ते रहेंगे. रामदेव के साथ साथ आने से शक्ति आ गयी है. उन्होंने कहा कि मेरा महाराष्ट्र में इस समय आंदोलन चल रहा है लेकिन मैं उसे बीच में ही छोड़कर यहां आया हूं ताकि कोई यह नहीं कह सके कि हजारे और रामदेव के बीच मतभेद हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की  कथनी और करनी में अंतर है.

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनलोकपाल नहीं आया तो गददी छोडने के लिए तैयार रहे. योग गुरु बाबा रामदेव और अन्ना हजारे ने आज यहां एकजुटता दिखाई और आगे भ्रष्टाचार के खिलाफ  लड़ाई मिलकर लडऩे की बात कही. काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय बाद अन्ना हजारे के साथ जंतर मंतर के पास संसद मार्ग पर एक मंच पर बैठे रामदेव ने ऐलान किया कि 9 अगस्त से देश में बड़ा आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए लड़ाई कल यानि चार जून से ही शुरू हो जाएगी. योगगुरु ने कहा इस देश में काला धन वापस आकर रहेगा और जन लोकपाल के लिये भी आर पार की लड़ाई जारी रहेगी.

रामदेव- केजरीवाल में उभरे मतभेद

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल और योग गुरू के बीच मंच पर ही मतभेद उभर आए. बाबा रामदेव ने केजरीवाल को मंच से नेताओं के नाम लिए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि केजरीवाल को किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं करना चाहिए. हमारे लिए मुद्दा अहम है. हालांकि बाद में रामदेव ने मंच से कहा कि केजरीवाल प्रवाह में नेताओं का नाम ले लिया. केजरीवाल ने जनता को संबोंधित करने के दौरान एक पत्र का खुलासा करते हुए पीएम सहित कुछ नेताओं का नाम ले लिया. जिसमें मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और राजा का नाम शामिल था. इनके नाम लिए जाने पर रामदेव ने आपत्ति जताई. जिसके बाद केजरीवाल मंच से उठकर चले गए. हालांकि बाद में जब उनसे पूछा गया तो केजरीवाल ने कहा कि कुछ जरूरी काम की वजह से जा रहे है.

युवक ने की आत्मदाह की कोशिश

अन्ना हजारे और रामदेव के कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ रविवार को किए गए अनशन के बीच एक अजीबोगरीब स्थिति आ गई जब एक व्यक्ति ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर खुद को आग लगाने की कोशिश की. उसका कहना था कि यदि उसकी बात अन्ना और रामदेव ने नहीं सुनी तो वह जंतर-मंतर पर आत्मदाह कर लेगा.   इसके बाद उस युवक ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया और आग लगाने की कोशिश करने लगा. लेकिन वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उससे माचिस छीन ली. भोपाल में भी धरना – कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ योगगुरु बाबा रामदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा दिल्ली में रविवार को दिए गए एक दिवसीय अनशन के समर्थन में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी एक दिवसीय धरना दिया गया.

जिसमें बड़ी संख्या में रामदेव समर्थक शामिल हुए. दिल्ली के जंतर मंतर पर दिए गए अनशन के समर्थन में तमाम राज्यों की राजधानियों में धरने दिए गए. इसी क्रम में भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भी धरना दिया गया. इस आंदोलन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने भोपाल पहुंचे थे. इस धरने में तमाम धर्म गुरुओं के अलावा हर उम्र के लोग हिस्सा लिया. महिलाएं, बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक धरने पर बैठे नजर आए.

सरकार के सामने बाबा ने रखी सात मांगे

अन्ना हजारे और बाबा रामदेव 1 दिवसीय अनशन में रामदेव की ओर से सरकार के सामने 7 मांगे रखी गई हैं. इन मांगों के पूरा न होने पर बाबा ने जल्द ही बड़े स्तर पर लंबा अनशन करने की बात भी कही है. काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया जाए, भ्रष्टाचारियों को उम्रकैद या फांसी की सजा हो, विदेशों में जमा 4००0 करोड़ रुपये के काले धन को वापस लाया जाए, करप्शन के मुद्दों को निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बने, करप्शन के केस की 1 साल में सुनवाई हो, 5००00 और 1००० के नोट बंद किए जाएं, सरकारी काम तय सीमा में निपटाए जाएं.  रामदेव ने कहा कि इन मांगों के लिए ग्राम सभा से लोक सभा तक लड़ाई लड़ी जाएगी.

Related Posts: