मंथन में सियासत की गहराई से रूबरू हुए राहुल

नई दिल्ली, 6 अप्रैल. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगे्रस को मिली करारी शिकस्त की समीक्षा में जुटे पार्टी महासचिव राहुल गांधी के अगले कदम पर सबकी नजर है. राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर जो चर्चा है उसके मुताबिक क्या श्री गांधी इस मंथन के बाद प्रदेश के नेताओं के बहाने राष्टरीय स्तर पर कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करेंगे या फिर पार्टी अपनी पुरानी रणनीति के तहत ही आगे बढ़ेगी.

प्रेक्षकों की माने तो श्री गांधी ने आरंभ में ही हार की जिम्मेदारी अपने उपर लेकर बड़प्पन दिखाया था. लेकिन उसके बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साफ शब्दों में जिस प्रकार से प्रदेश संगठन व उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया को हार के लिए जिम्मेदार माना था उसी समय यह साफ हो गया था कि पार्टी हार के कारक माने जाने वाले तमाम पहलूओं पर मंथन जरूर करेगी. हालांकि पिछले दो दिनों से श्री गांधी के नेतृत्व में मैराथन मंथन चला है. लेकिन अभी तक कोई ठोस बात सामने नहीं आई है. सूत्रों की माने तो समीक्षा के दौरान पार्टी उम्मीदवारों, विधायकों व सांसदों ने जिस तरह से कुछ केन्द्रीय मंत्रियों के बयान व स्थानीय संगठन की कमजोरी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चयन में हुई भाई-भतिजावाद को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहरा कर कठोर कार्रवाई की मांग की है.

उससे साफ है कि पार्टी को भविष्य में कठोर निर्णय करने पड़ेंगे . सूत्रों की माने तो श्री गांधी ने बैठक के दौरान जिस तरह से पार्टी उम्मीदवारों से लिखित रूप से तेरह सवालों का जवाब मांगा और उसके बाद कई अन्य बारीक पहलूओं पर मंथन किया है उससे साफ है कि पार्टी जल्द ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी. सूत्रों की माने तो बैठक के बाद जिस प्रकार का संकेत मिल रहा है उसके मुताबिक पार्टी मुख्य रूप से स्थानीय संगठन को धारदार बनाने के लिए जल्द ही प्रदेश संगठन को भंग करके किसी युवा नेता के हाथ में पार्टी की कमान सौंप देगी. इसी तरह उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में पारंपरिक विधि को नकारे बगैर वैज्ञानिक विधि को भी महत्व देगी. इसके अलावे लोकसभा चुनाव के पहले लगभग सभी बड़े प्रदेशों में संगठन को जोनल स्तर पर बांट कर चाक चौबंद किया जा सकता है. हालांकि सूत्रों की माने तो श्री गांधी ने आज की बैठक के बाद कोई ठोस दिशा निर्देश जारी नहीं किया है लेकिन भविष्य के लिए उन्होंने कई सकारात्मक संकेत दिए हैं. उससे यह साफ है कि पार्टी जल्द ही न सिर्फ प्रांतिय स्तर पर बल्कि राष्टï्रीय स्तर पर भी नई दिशा निर्देश जारी करने वाली है.

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