भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूरजकुंड में बैठक

सूरजकुंड, 26 सितंबर. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को डूबता हुआ जहाज करार देते हुये पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी में अभी से दिल खोलकर जुट जाने का आज आह्वान किया.

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करते हुये श्री गडकरी ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार एक डूबता हुआ जहाज है और जनता का उससे मोह भंग हो चुका है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि देश बदलाव के कगार पर खडा है चुनाव कभी भी हो सकते हैं. इसे देखते हुये वे दिल बडा करें और बडे लक्ष्य के लिये आगे बढें. देश के विकास और आर्थिक सुधार में भाजपा के बाधक बनने के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुये श्री गडकरी ने कहा कि पहले वे ये बतायें कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने 100 दिन में महंगाई कम करने और भ्रष्टाचार एवं काला धन के बारे में कार्रवाई करने का जो वादा किया उन्हें पूरा क्यों नहीं किया. श्री गडकरी ने कहा कि यह सरकार अपने कर्मोंं से ही गिरेगी और भाजपा का काम इसे बचाने का नहीं है.

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कुशासन इस सरकार की सबसे बडी विशेषता है. उन्होंने कहा कि संप्रग के डूबते जहाज में सवार यात्री एक एक कर उतर रहे हैं. भाजपा जिम्मेदार विपक्ष के रुप में अपना काम कर रही है. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि यदि पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में आता है तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल की तरह जनता को सुशासन से राहत दी जायेगी.

उन्होंने कहा कि विकास पार्टी का बेंचमार्क हैं और वह संतुलन के साथ इस पर आगे बढेगी. पूववर्ती राजग सरकार के दौर की तरह ही भारत की दुनिया भर में छवि को बेहतर बनाया जायेगा. सरकार आर्थिक विकास. पर्यावरण और अन्य कारकों के बीच संतुलन बनाकर प्रगति के पथ पर आगे बढेगी. उन्होंने कहा कि राजग शास्ति राज्यों की सरकारें सुशासन का उदाहरण हैं. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि संप्रग सरकार आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है और इसके प्रमाण हर रोज सामने आ रहे घोटालों से मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार को संस्थागत कर दिया है और जांच के आधार पर सरकार की कारगुजारियों का पर्दाफाश करने वाली संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन किया है.

श्री गडकरी ने कहा कि सहयोगियों को साथ लेकर चलने का दावा करने वाली संप्रग सरकार ने गठबंधन की राजनीति का भी बाजारीकरण किया है और उसका गठबंधन विशेष तरह की मूल्य प्रणाली पर आधारित है. किसी भी दल के साथ गठबंधन की एक कीमत है. उन्होंने सीधा सवाल पूछा कोयला ब्लाक आवंटन के बाद कांग्रेस को एक टन कोयले पर कितनी राशि मिली है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि वह इन दोनों से पूछना चाहते हैं कि वह अपनी सरकार की नाकामी और कुशासन का ठीकरा भाजपा के सिर क्यों फोड रहे है. डा0 सिंह पिछले आठ वर्षों से प्रधानमंत्री है और श्रीमती गांधी ने डा0 सिंह को एक बहुत बडे अर्थशास्त्री के तौर पर पेश किया तथा तो जनता महंगायी और भ्रष्टाचार से परेशान क्यों है. उन्होंने कहा कि डा. सिंह अर्थशास्त्री नहीं अनर्थशास्त्री प्रधानमंत्री हैं.

श्रीमती गांधी के भाजपा पर नकारात्मक राजनीति करने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुये उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाना नकारात्मक राजनीति है तो सकारात्मक राजनीति क्या है. श्री गडकरी ने कहा कि भाजपा और राजग शासित राज्य प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के पूरी तरह खिलाफ हैं और वे इसे अपने राज्यों में किसी भी हालत में लागू नहीं करेंगे. असम में घुसपैठ को गंभीर समस्या बताते हुये उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार सत्ता में आती है तो बंगलादेश सीमा पर बाड लगाना उसकी प्राथमिकता होगी. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचार पर उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को कूटनीतिक स्तर पर प्रयास करने चाहिए और भारत आने वाले हिन्दुओं को समुचित सुरक्षा दी जानी चाहिए.

यूपीए ने गठबंधन राजनीति का बाजारीकरण किया: प्रसाद

बीजेपी ने एक बार फिर केंद्र की मनमोहन सरकार की जमकर बखिया उधेड़ी है। बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि यूपीए अबतक की सबसे भ्रष्ट सरकार है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। फरीदाबाद के सूरजकुंड में बीजेपी के बुधवार से शुरु हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान प्रसाद ने कहा कि बीजेपी सुधारों की कतई विरोधी नहीं है .
लेकिन सरकार सुधार करना चाहती है, ऐसी उसकी मंशा नहीं दिखती है। उन्होंने कहा कि यूपीए के कार्यकाल में जितने घोटाले हुए है उतने घोटाले देश में कभी नहीं हुए इसलिए यह अबतक की सबसे भ्रष्ट सरकार है। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार कालेधन के मसले पर भी कतई गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वह इस मुद्दे पर गंभीर होती तो यकीनन कालेधन को देश में लाने के ठोस उपाय करती। उन्होंने कहा कि यूपीए गठबंधन की राजनीति का बाजारीकरण किया है जिससे सियासी माहौल बिगड़ा है।

वापस आ सकते हैं भाजपा में कल्याण सिंह

लखनऊ. भाजपा के कभी कद्दावर नेता रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के लोकसभा चुनाव को देखते हुये फिर से पार्टी में वापसी के आसार बनने लगे हैं . श्री सिंह की भाजपा में वापसी के बारे में आगामी नवरात्र में निर्णय लिये जाने की संभावना है . भाजपा में वापसी के सवाल पर हमेशा. कभी नहीं. कहने वाले श्री सिंह ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुये अब अपना मन बदला है.

और वह अपनी पुरानी पार्टी में फिर से शामिल होने के बारे में विचार कर रहे हैं . भाजपा की नेता उमा भारती के श्री कल्याण सिंह और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ अच्छे रिश्ते हैं . श्री सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर सुश्री उमा भारती महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं . श्री कल्याण सिंह को सुश्री उमा भारती पिता तुल्य मानती हैं . दोनों एक ही लोध जाति से आते हैं और अपनी जाति पर उनका अच्छा प्रभाव है .  सूत्रों के अनुसार सुश्री उमा भारती और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने श्री कल्याण सिंह की पार्टी में वापसी के सवाल पर दो बार आपस में चर्चा की है .दोनों का मानना है कि श्री कल्याण सिंह की वापसी पार्टी को आगामी लोकसभा चुनाव में फायदा पहुंचायेगी .

श्री कल्याण सिंह की जनक्रांति पार्टी के कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल होने के पक्ष में हैं.कार्यकर्ताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा के राज्य स्तर के नेताओं से मुलाकात भी की है . श्री सिंह हालांकि पार्टी में वापसी के सवाल पर टिप्पणी के लिए मौजूद नहीं थे लेकिन जनक्रांति पार्टी के अध्यक्ष और श्री सिंह के पुत्र राजवीर सिंह ने भी कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते . श्री सिंह ने बुलंदशहर से अशोक प्रधान को टिकट दिये जाने को लेकर 2009 के लोकसभा चुनाव के वक्त पार्टी से दूसरी बार त्यागपत्र दिया था. उनका कहना था कि भाजपा नेतृत्व श्री प्रधान को बुलंदशहर से टिकट नहीं दे क्योंकि उन्होंनें विधानसभा के 2007 के चुनाव में डिबाई सीट से उनके पुत्र को हराने में अहम भूमिका अदा की थी. भाजपा से त्यागपत्र देने के बाद श्री सिंह ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह से हाथ मिलाया .

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