नई दिल्ली, 8 फरवरी. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संप्रग सरकार के 10 बड़े घोटाले गिनाते हुए इनके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया.

आडवाणी ने इन दस घोटालों में 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल आयोजन, आदर्श हाउसिंग मामला, क्वात्रोच्ची मामला, तेलगी स्टांप मामला और हसन अली आदि मामलों को गिनाते हुए कहा कि कि इन घोटालों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बजाए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी जिम्मेदार हैं क्योंकि वास्तव में सरकार वही चला रही हैं. अपने ब्लाग में इस आरोप को लगाते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘यह सरकार औपचारिक रूप से डा. मनमोहन सिंह चला रहे हैं, लेकिन अब किसी के मन में इस बात का कोई संदेह नहीं रह गया है कि यह सरकार हकीकत में संप्रग अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा चलाई जा रही है.’

सोनिया पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, अगर स्वतंत्र भारत में भ्रष्टाचार और घोटालों का व्यापक इतिहास लिखा जाए तो, मुझे कोई संदेह नहीं कि इनकी संख्या और लूटे गए धन के आयाम के मामले में पूर्व की कोई सरकार संप्रग शासन के रिकार्ड को तोड़ नहीं पाएगी. क्रिकेट के शौकीन आडवाणी ने इस खेल की उपमाओं का उपयोग करते हुए कहा कि अगर 2जी मामले की सीरीज को मैच श्रृंखला माना जाए तो निसंदेह ‘योद्धा सुब्रमण्यम स्वामी को मैन आफ द सीरीज़’ माना जाएगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2जी के 122 लाइसेंस रद्द किए जाने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह सवाल उठ सकता है कि इन्हें जारी करने की इतनी बड़ी धोखाधड़ी के क्या अकेले जिम्मेदार तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए. राजा जिम्मेदार हैं, जैसा कि सरकार दावा कर रही है? शीर्ष अदालत के फैसले को गृह मंत्री पी चिदंबरम को क्लीन चिट दिए जाने की सरकार की दलील पर उन्होंने कहा कि यह ऐसा ही है जैसे इंग्लैड और आस्ट्रेलिया में दर्जनों टेस्ट और एक दिवसीय मैच हार जाने के बाद एक अकेले टी-20 में भारत की जीत को बीसीसीआई ने पेड न्यूज़ के तौर पर अखबारों के पहले पन्ने में छपवाया. सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अगर चिदंबरम के बारे में संप्रग और कांग्रेस को ऐसा ही लगता है तो वह भी बीसीसीआई की तरह अखबारों के पहले पन्ने पर गृह मंत्री को मिली कथित राहत की बात छपवाए. साथ ही उन्होंने खबरदार किया कि सरकार की इस दलील और खुशफहमी को पंचर करने के लिए चिदंबरम को सह अभियुक्त नहीं बनाने संबंधी निचली अदालत के फैसले को स्वामी उच्च अदालत में चुनौती देने जा रहे हैं.

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