“बेटी है तो कल है” नाटक का मंचन भी, संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में  बैठक

भोपाल,18 अक्टूबर.अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन इस बार भव्य कलश-यात्रा के साथ शुरू होगा. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज समारोह की केन्द्रीय समिति की बैठक में यह निर्देश देते हुए कहा कि कलश-यात्रा का उद्देश्य आमजन को इस समारोह से जोडऩा है.

यह कलश-यात्रा एक प्रकार से आम लोगों को समारोहों में सहभागी बनने का निमंत्रण होगी. समारोह के दौरान “बेटी है तो कल है” नाटक का मंचन भी इसकी मुख्य विशेषता होगी.कालिदास समारोह का आयोजन आगामी 6 नवम्बर से 12 नवम्बर तक उज्जैन में होगा. समारोह में पं. जसराज एवं अनुराधा पोड़वाल जैसे अन्य प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने समारोह की तैयारी के संबंध में आयोजित परामर्शदात्री समिति एवं केन्द्रीय समिति की बैठक में कहा कि समारोह में होने वाले कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये. प्रचार सामग्री में बेटी बचाओ अभियान के नारे लिखने के साथ ही इस अभियान से संबंधित नाटिका भी कार्यक्रम में प्रस्तुत की जाये. शर्मा ने कहा कि दूरदर्शन एवं स्थानीय/प्रादेशिक चैनलों में समारोह का सीधा प्रसारण भी करायें.

बैठक में आदिम-जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह और खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री पारस जैन तथा महापौर उज्जैन नगर पालिक निगम रामेश्वर अखण्ड ने समारोह के भव्य आयोजन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये. समारोह में शोध संगोष्ठी के चार सत्र होंगे. इनमें अन्तर्विश्वविद्यालय एवं अन्तर्महाविद्यालयीन प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेंगी. समारोह के पहले विद्यालयों, महाविद्यालयों स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रम के साथ कलश-यात्रा निकाली जायेगी. कलश-यात्रा में 108 महिलाएँ कलश लेकर चलेंगी. समारोह के पहले 5 नवम्बर को नान्दी पाठ कार्यक्रम के अंतर्गत सुश्री अनुराधा पोडवाल का गायन, 6 नवम्बर को अभिज्ञान शाकुन्तलम पर यक्षगान शैली में नाटक, 7 नवम्बर को कालिदास सम्मान अलंकरण के साथ नाटक एवं वादन, 8 नवम्बर को शास्त्रीय गायन एवं मणिपुरी नृत्य, 9 नवम्बर को कथक एवं ओडिसी नृत्य नाटिका, 10 नवम्बर को पं. जसराज एवं मैहर बैण्ड द्वारा वादन एवं गायन, 11 नवम्बर को हिन्दी नाटक और 12 नवम्बर को सितार वादन एवं द्विभाषी नाटक ख्यातिलब्ध कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये जायेंगे.

इसी दिन प्रात:काल कालिदास शतावधान का शास्वत आयोजन होगा. पं. सूर्यनारायण व्यास एवं महाकवि कालिदास व्याख्यान माला एवं संगोष्ठी भी आयोजित की जायेगी.बैठक में निदेशक कालिदास संस्कृति अकादमी  पी.एम. शास्त्री ने आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. इस अवसर पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष किशोर खण्डेलवाल, अन्य जन-प्रतिनिधि, सचिव संस्कृति विभाग संजय सिंह, संचालनालय संस्कृति सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित थे.

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