अच्छी टीम ही बनाती है अच्छा कप्तान

फरीदाबाद, 6 जुलाई. कई बार टीम इंडिया के कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभा चुके वीरेन्द्र सहवाग के मन में कहीं न कहीं भारतीय कप्तान बनने की महत्वाकांक्षा है और उनका मानना है कि एक अच्छी टीम ही अच्छा कप्तान बनाती है.

सहवाग आज नोएडा और फरीदाबाद में दो क्रिकेट अकादमियों के सिलसिले में मौजूद थे और दोनों ही जगह पत्रकारों ने उनसे कप्तानी और नियमित भारतीय कप्तान महेन्द्र धोनी को लेकर सवाल दाग डाले. पिछले आस्ट्रेलिया दौरे में सहवाग और धोनी के बीच का टकराव बहस का विषय रहा था और एक समय तो भारतीय टीम के दोफाड़ होने तक की बात कही जाने लगी थी.

विस्फोटक ओपनर ने कप्तानी को लेकर सवालों के बाउंसर पर सुरक्षात्मक रवैया अपनाते हुए कहा कि एक कप्तान तभी तक अच्छा है जब तक टीम जीतती है. अच्छी टीम ही एक अच्छा कप्तान बनाती थी. उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया का उदाहरण सबके सामने है. जब तक आस्ट्रेलियाई टीम जीतती रही थी तब तक उसके कप्तान को दुनिया में बेहतरीन बताया गया लेकिन जब टीम हारने लगी तो उसी कप्तान पर सवाल उठाए जाने लगे. भारतीय कप्तान धोनी को लेकर पूछे गए सवाल पर सहवाग ने कहा कि धोनी के पास एक मजबूत टीम है और जब टीम मजबूत होती है तो प्रदर्शन करना आसान होता है. हम पिछले वर्ष एकदिवसीय विश्वकप और 2007 में ट्ïवंटी-20 विश्वकप इसलिए जीते थे कि धोनी के पास एक मजबूत टीम थी और खुद धोनी का नेतृत्व भी अच्छा था. कप्तानी की दौड़ में कुछ और खिलाडिय़ों के सवाल पर सहवाग ने कहा सभी को मौके मिलते हैं और जिसे मौका मिलता है उसे खुद को साबित करना चाहिए.

अपनी फिटनेस के लिए सहवाग ने कहा कि वह पूरी तरह फिट हैं और 21 जुलाई से होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मैंने बेंगलूर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में अपनी फिटनेस पर पूरी मेहनत की थी. मैं आईपीएल के सभी मैच खेला था इसलिए मेरी फिटनेस को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. श्रीलंका दौरे से मुझे ट्ïवंटी-20 विश्वकप के लिए भी खुद को तैयार करने में मदद मिलेगी. श्रीलंका दौरे से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के हट जाने के मुद्दे पर उनके क्लोन कहे जाने वाले सहवाग ने कहा कि सचिन को यह अधिकार है कि वह अपनी पसंद के हिसाब से सीरीज चुने. हालांकि सचिन जब नहीं खेलते हैं तब पूरे देश को निराशा होती है क्योंकि हर कोई उन्हें एक्शन में देखना चाहता है. मगर सभी को यह महसूस करना चाहिए कि वह 39 वर्ष के हो चुके हैं और उन्हें अपने हिसाब से सीरीज चुनने का अधिकार है. हालांकि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे.

भारतीय क्रिकेट में आईपीएल के चयन का एक मापदंड बन जाने के सवाल पर सहवाग ने कहा कि आईपीएल भारतीय टीम में जाने का कोई रास्ता नहीं है. आईपीएल युवा खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा दिखाने और चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का एक मंच है लेकिन कोई भी खिलाड़ी सिर्फ आईपीएल के बूते टेस्ट टीम में जगह नहीं बना सकता.

भारतीय खिलाड़ी इस बार जीतेंगे कई स्वर्ण

फरीदाबाद. टीम इंडिया के धुरंधर बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने लंदन ओलंपिक के लिए भारतीय खिलाडिय़ों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए आज उम्मीद जताई कि वे इन खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतेंगे. सहवाग ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय खिलाडिय़ों को ओलंपिक के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि हमारे कई खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि वे इस बार पिछले बीजिंग ओलंपिक के मुकाबले ज्यादा स्वर्ण पदक जीतेंगे. बीजिंग में उन्होंने एक स्वर्ण और दो रजत जीते थे लेकिन इस बार यह संख्या उससे आगे जाएगी. मेरी भारतीय खिलाडिय़ों के लिए यही शुभकामना है.

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