•  नालछा के चौसठ योगिनी माता मंदिर की घटना

धार, 2 अक्टूबर मुख्यालय से लगभग २४ किमी दूर स्थित विकासखंड नालछा से चौसठ योगिनी माता मानसरोवर तालाब जीरापुरा तक निकाली गई चुनरी कलश यात्रा के जीरापुरा मंदिर पर पहुँचने के बाद फरियाली खिचड़ी खाने से यात्रा में शामिल सैकड़ों श्रृद्धालु बीमार हो गए. लगभग 80 बच्चे धार के अस्पतालों में भर्ती है.देर रात तक बीमारों का आना जारी था.

यात्रा में शामिल लोगों के अनुसार जीरापुरा मंदिर पहुँचने के बाद स्नान आदि करके महिला पुरूषों एवं बच्चों ने जब फरियाली खिचड़ी खाई तो लगभग २ घंटे के बाद उनकी तबीयत बिगडऩे लगी और उल्टी, दस्त होना चालू हो गए। हिन्द रक्षक समिति नालछा के बैनर तले यह चुनरी कलश यात्रा आयोजित की गई थी। इस यात्रा के संरक्षक पवन कुशवाह और संयोजक सुऩील यादव हैं, जिनकी लापरवाही की चर्चा है.

  •  स्वास्थ्य केंद्र में जगह कम पड़ी

बहुत बड़ी संख्या में एकाएक मरीजों के आने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालछा में जगह का अभाव हो गया तथा स्टॉफ की भी कमी देखी गई।

  •  धार से भेजा डॉक्टरों का दल

मुख्यालय पर घटनाक्रम के बारे में पता लगने पर डॉक्टरों का एक दल नालछा के लिए रवाना किया गया।

  • गंभीर बीमार धार रैफर

कुछ बच्चों की हालत ज्यादा बिगडऩे पर उन्हें गंभीर अवस्था में नालछा से धार के लिए रैफर किया गया। समाचार लिखे जाने तक भोज चिकित्यालय धार में पहुंची एम्बुलेंस में २ बच्चे विजय कुशवाह  व विजय नायक १० वर्ष लाए गए हैं जिनका ईलाज डॉक्टर अनिल वर्मा द्वारा किया जा रहा है।

  •  आयोजकों की लापरवाही

सूत्रों के अनुसार फरियाली बनाने के लिए आलू रात्रि में ही उबाल लिए गए थे। संभवत: गर्मी के कारण इनके विषाक्त होने से फू ड प्वाईजनिंग की स्थिति बनी।

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