म.प्र. में नर्मदा नदी पर अवैध रेत उत्खनन का मामला पहुंचा भाजपा आलाकमान के पास

भोपाल 26 अप्रैल. म.प्र. कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने बताया कि प्रदेष के पूर्व मंत्री व वर्तमान सांसद सज्जनसिंह वर्मा ने 14 अप्रैल 2012 को होषंगाबाद जिले के पिपरिया की एक आमसभा में प्रदेष की जीवनदायिनी व धार्मिक आस्था की प्रतीक माँ नर्मदा नदी के तटों पर मध्यप्रदेष में हो रहे अत्याचार स्वरुप अवैध रेत उत्खनन के मामले को उठाया था.

इन्होंने आरोप लगाया था कि मध्यप्रदेष में सरकार के नाक के नीचे नर्मदा नदी के तटों पर जमकर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है. पूरे प्रदेष में अवैध रेत उत्खनन के जरिये अरबों रुपयोंं के सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. मुख्यमंत्री के क्षेत्र बुधनी-नसरुल्लागंज में उनकी छत्रछाया में जमकर नर्मदा नदी का दोहन व शोषण कर अवैध रुप से अरबों रुपये की रेत निकाली जा रही है. इस अवैध उत्खनन से नर्मदा जी व उसके आसपास के पर्यावरण व पुरातत्व संपदा को नुकसान पहुंच रहा है. जिस पर भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा ने उनके भाषण के मूल भावार्थ को गलत दिषा देने का प्रयास किया, लेकिन वर्मा की माफी से मामले का पटाक्षेप हो गया. तभी श्री वर्मा ने घोषणा की थी कि भाजपा ने मेरे मूल मुद्दे नर्मदा नदी पर अवैध रेत उत्खनन पर ध्यान नहीं दिया और वे इस मुद्दे को  सभी मंचों पर उठायेंगे व इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचायेंगे. उसी के तहत वर्मा ने प्रदेष के राज्यपाल से 23 अप्रैल को भेंट की थी. में भेंट कर उन्हें संपूर्ण अवैध उत्खनन की सप्रमाण जानकारी देकर उनसे हस्तक्षेप का आग्रह किया था व इसकी सीबीआई जांच कराने की सरकार को निर्देष देने की मांग की थी.

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