मुंबई . घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताजनक स्थिति बरकरार रहने से बाजार में दिशाहीनता के साथ गिरावट का रुझान कायम हो गया। दोपहर के बाद घरेलू बाजार में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और गार को तीन साल तक टालने के सुझाव का भी कोई असर नहीं दिखा। जब मॉर्गन स्टैनली ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्घि दर अनुमान पहले के 5.8 फीसदी के मुकाबले 5.1 फीसदी कर दिया तो उसका असर भी बाजार पर दिखा। सेंसेक्स 45 अंक गिरकर 17,384 के स्तर पर और निफ्टी 5 अंक की मामूली गिरावट के साथ 5254 के स्तर पर बंद हुआ।

हालंकि एफटीएसई, सीएसी और डैक्स समेत तमाम यूरोपीय बाजार में भी 0.5 फीसदी की तेजी दिखी। एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार रहा। शांघाई करीब 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 2,059 के स्तर वहीं ताइवान 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ 7,450 के स्तर पर बंद हुआ। जापान के निक्केई में 0.6 फीसदी गिरावट दर्ज की गई और यह 8,784 के स्तर पर बंद हुआ और हैंगसेंग मामूली बढ़त के साथ 19,559 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू बाजारों में निफ्टी पर सेल और टाटा पावर के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 2.2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा जिंदल स्टील, आईडीएफसी और अंबुजा सीमेंट के शेयरों में भी गिरावट का रुख दिखा। रैनबैक्सी निफ्टी का टॉप गेनर है। कंपनी के शेयरों में करीब 3.1 फीसदी की तेजी है। इसके अलावा कोल इंडिया, बजाज ऑटो, मारुति और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में भी तेजी का रुख देखने को मिला।

सेेक्टोरल इंडिसेज में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कंज्यूमर गुड्स में सबसे अधिक करीब 0.6 फीसदी की तेजी रही। इसके अलावा कैपिटल गुड्स, ऑटो, पावर और पीएसयू इंडेक्स में भी मामूली तेजी दिखी। वहीं रियल्टी और ऑयल ऐंड गैस इंडेक्स में सबसे ज्यादा 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बाजार की चाल-मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संकेत और जीएएआर से राहत मिलने की उम्मीद से बाजार तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 5300 के करीब पहुंचा। सेंसेक्स ने 80 अंक की छलांग लगाई। लेकिन, बाजार शुरुआती तेजी को टिका नहीं पाए। कर्नाटक में कैटेगरी ए माइंस में काम शुरू करने को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने से भी बाजार का मूड नहीं सुधरा। ऑयल एंड गैस, रियल्टी और मेटल शेयरों में बढ़ती बिकवाली की वजह से बाजार लाल निशान में लुढ़क गए।

यूरोपीय बाजारों में आई मजबूती ने घरेलू बाजारों को संभाला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में लौटे। लेकिन, घरेलूअर्थव्यवस्था पर चिंता कायम रहने से बाजार फिर से फिसले। महीने-दर-महीने आधार पर एचएसबीसी मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 52.9 फीसदी से घटकर 52.8 फीसदी रही है, जो 9 महीने में सबसे कम है। लगातार दूसरे महीने निर्यात मांग में कमी आने की वजह से पीएमआई में गिरावट आई है। मॉर्गन स्टैनली ने वित्त वर्ष का जीडीपी दर अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 5.1 फीसदी किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2014 का जीडीपी दर अनुमान 6.6 फीसदी से घटकर 6.1 फीसदी किया है। मॉर्गन स्टैनली ने डाउनग्रेडिंग की आशंका भी जताई है। जीएएआर पर सितंबर अंत तक फैसला होने के वित्त मंत्री के बयान का भी बाजार पर असर दिखा। बाजार सीमित दायरे में घूमते नजर आए। आखिरी कारोबार में बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।

क्या चढ़ा, क्या गिरा-बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स ने बनाया। वहीं कोल इंडिया, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड, एसबीआई, एचसीएल टेक ने बाजार की गिरावट पर लगाम लगाई। मर्जर को मंजूरी मिलने के बाद जेएसडब्ल्यू स्टील 3.5 फीसदी और जेएसडब्ल्यू इस्पात 4 फीसदी लुढ़के।

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