एडिलेड, 10 फरवरी. पर्थ में श्रीलंका को चार विकेट से हराकर जीत की पटरी पर लौटी भारतीय टीम का त्रिकोणीय शृंखला में अगला पड़ाव एडिलेड है जहां वह मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आज तक एक भी एकदिवसीय नहीं जीत पायी है.

विश्व चैंपियन भारत ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 65 रन से मिली शिकस्त से उबरते हुए पर्थ में श्रीलंका को हराने में कामयाबी पायी थी लेकिन उसके सामने रविवार को एक बार फिर चार बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की चुनौती है जिसने एडिलेड में भारत के खिलाफ कोई एकदिवसीय नहीं गंवाया है.  भारत ने इस मैदान पर कुल 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसने छह जीते हैं और पांच हारे हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में अब तक चार मैच खेले गए हैं जिनमें हर बार बाजी कंगारुओं के हाथ लगी है. भारत को एक बार दक्षिण अफ्रीका ने इस मैदान पर हराया था. ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर भारत को जनवरी 1986 में 26 रन से, दिसम्बर 1991 में छह विकेट से, जनवरी 2000 में 152 रन से और फरवरी 2008 में 50 रन से हराया था.

भारतीय टीम के मौजूदा खिलाडिय़ों में से अधिकांश को इस मैदान पर खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है. रोटेशन नीति के तहत अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को इस मैच में आराम दिया जा सकता है. सचिन का इस मैदान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक स्कोर 21 है जो उन्होंने दिसम्बर 1991 में बनाए थे. वैसे इस मैदान पर सचिन का सर्वाधिक स्कोर 48 रन है जो उन्होंने दिसम्बर 1991 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए थे. हालांकि पिछले 22 वर्षों में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जो पांच एकदिवसीय जीत दर्ज की हैं उनमें सचिन का अहम योगदान रहा है. ऐसे में सचिन को बाहर बैठाने का फैसला करना टीम प्रबंधन के लिए टेड़ी खीर साबित हो सकता है. युवा खिलाडिय़ों को मौका देने के लिए टीम प्रबंधन ने शीर्षक्रम के तीन बल्लेबाजों को बारी-बारी से आराम देने का फैसला किया है. इसी क्रम में सेहवाग को मेलबर्न में और गंभीर को पर्थ में आराम दिया गया था. अब सचिन की बारी है जिन्हें एडिलेड में आराम दिया जा सकता है.

एडिलेड ओवल में ऑस्ट्रेलिया का सर्वाधिक स्कोर पांच विकेट पर 329 रन है जो उसने जनवरी 2000 में भारत के खिलाफ बनाया था जबकि भारतीय टीम  का इस मैदान पर सर्वाधिक स्कोर सात विकेट पर 280 रन है जो उसने जनवरी 2004 में जिम्बाब्वे के विरुद्ध बनाया था. जहां तक ऑस्ट्रेलिया का सवाल है तो उसके कप्तान माइकल क्लार्क और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का बल्ला इस मैदान पर खूब चला है. क्लार्क ने इस मैदान पर 12 मैचों में 56.87 के औसत से 455 रन और पोंटिंग ने 14 मैचों में 39.90 के औसत से 439 रन बनाए हैं. हालांकि गेंदबाजी के मामले में दोनों टीमों की स्थिति एक जैसी है. दोनों टीमों के मौजूदा गेंदबाजों को एडिलेड ओवल में गेंदबाजी का अनुभव नहीं है.

गेंदबाजों की असली परीक्षा विदेशी पिचों पर होगी

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि घरेलू टेस्ट शृंखला में भारतीय टीम के बल्लेबाजों पर कहर ढाने वाली उनकी पैस बैट्री की असली परीक्षा विदेशी पिचों पर होगी. क्लार्क ने एक स्थानीय अखबार से कहा कि हाल के दिनों में कई तेज गेंदबाज उभरे हैं और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है. घरेलू जमीन पर अच्छा प्रदर्शन करना स्वाभाविक है, लेकिन युवा गेंदबाजों की असली परीक्षा विदेशी पिचों पर होगी. जेम्स पैटिनसन, मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस जैसे युवा तेज गेंदबाजों ने हाल के दिनों में शानदार प्रदर्शन किया है. इनके अलावा अनुभवी पीटर सिडल और बेन हिल्फेनहास ने टेस्ट शृंखला में मजबूत भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तरह तहस-नहस करके अपनी टीम को 0-4 से जीत दिला दी थी. क्लार्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए यह अच्छी बात है कि कई प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज उभरकर सामने आए हैं और कई अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेताब हैं.

Related Posts: