लंदन, 13 मई. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसुफ रज़ा गिलानी ने माना है कि अमेरिका के साथ रिश्तों में उतार चढ़ाव आये हैं पर फिर भी अमेरिका के महत्व को देखते हुये वह अमेरिका के साथ संबंधों को बेहतर करने की उम्मीद कर रहे हैं.

पांच दिनों के दौरे पर यहां आये गिलानी ने  कहा कि ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद वह अमेरिका के साथ संबंध बेहतर करना चाहते थे. उन्होंने कहा, हमारे रिश्ते में बहुत उतार चढ़ाव आये हैं. हम अमेरिका की अहमियत को समझते हैं. हम वास्तव में रिश्तों को बेहतर करना चाहते हैं. हम इन दिनों चर्चा कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि इसके अच्छे परिणाम आयेंगे. उनके अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और पाकिस्तानी खुाफिया एजेंसी आईएसआई के बीच अच्छे संबंध रहे हैं.

उन्होंने कहा, आईएसआई और सीआईए के आपसी सहयोग से ही अल कायदा के प्रमुख लक्ष्यों को निशाना बनाया गया. हम दोनों साथ मिलकर काम कर रहे हैं और पाकिस्तान के साथ सूचना साझा करने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिये.  सईद को गिरफ्तार करने के लिए सबूत नहीं- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. अगर मुंबई आतंकी हमलों के कथित साजिशकर्ता को हिरासत में लिया जाता है तो अदालत द्वारा उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे सईद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं.  अगर आप उन्हें गिरफ्तार करते हैं तो इसके बाद अदालतों द्वारा उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. अदालतों के सामने आपको ज्यादा सबूतों की जरूरत पड़ती है.

उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान में न्याय पालिका पूरी तरह से निष्पक्ष है. अमेरिका ने सईद के सिर पर एक करोड़ डालर का इनाम घोषित कर रखा है. उस पर मुंबई में हुए आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है. गिलानी ने पाकिस्तान के अंदर अलकायदा के नए प्रमुख अयमन अल जवाहिरी की मौजूदगी की खबरों को भी खारिज किया है. उन्होंने कहा कि मैं ऐसा क्यों सोचूं कि वह पाकिस्तान में है. यह पूछे जाने पर कि जवाहिरी की पाकिस्तान में मौजूदगी के बारे में उनका क्या नजरिया है, गिलानी ने कहा कि हमें ऐसा नहीं लगता. गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हाल में कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है.

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