पणजी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को कहा कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री नहीं थे, तब वह उन्हें पसंद करते थे। पणजी में संवाददाताओं के साथ बातचीत में आडवाणी ने कहा कि मनमोहन सिंह को कमजोर प्रधानमंत्री कहना कोई ‘कटु आलोचना’ नहीं है।

आडवाणी ने कहा कि जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे, तब मैं उन्हें पसंद करता था। उन्होंने पी.वी. नरसिम्हा राव के वित्त मंत्री के रूप में बहुत प्रभावी तरीके से काम किया था, लेकिन हमने उस समय उनसे साहस की अपेक्षा नहीं की थी। आडवाणी ने कहा कि उन्हें कमजोर प्रधानमंत्री कहना कटु नहीं है। आडवाणी ने कहा कि देश ने अब व्यापक तौर पर महसूस किया है कि अतीत में सिंह के शासन की भाजपा द्वारा लगातार की गई आलोचना सच साबित हुई है।  आडवाणी ने कहा कि पहले लोग कहते थे कि ‘वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं, आप उन पर हमला क्यों करते रहते है। अब वही लोग मुझसे कहते हैं कि भाजपा जो कह रही थी.

वह सब सच है।

आडवाणी ने यह भी कहा कि सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का रिकार्ड अति असंतोषजनक है। आडवाणी ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले का दोष संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के घटक, द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके) पर मढऩे के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की। डीएमके से सम्बद्ध पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा भ्रष्टाचार के आरोपों में फिलहाल जेल में हैं। आडवाणी ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि इतना विशाल 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला केवल किसी घटक दल का काम नहीं है। इसकी जड़ें सरकार में उच्चस्तर तक फैली हुई हैं। इसमें कांग्रेस के मंत्री भी शामिल हैं और उनकी भूमिका की जांच कराने की आवश्यकता है।

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