लगभग एक अरब रुपये लागत की परियोजना से होगा काम

भोपाल, 25 अप्रैल, नभासं. मध्यप्रदेश में एकीकृत जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंध कार्यक्रम के क्रियान्वयन में शासकीय तंत्र के साथ-साथ अब कार्पोरेट सेक्टर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. जल-ग्रहण क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में कार्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं के जरिये करीब एक अरब रुपये से अधिक के विकास कार्यक्रम प्रगति पर हैं.

पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप में कार्पोरेट संगठनों का चयन कर उन्हें विभिन्न जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रमों की परियोजनाओं का दायित्व सौंपा गया है. राज्य में कार्पोरेट सेक्टर के 10 प्रमुख संस्थान के माध्यम से एक अरब 7 करोड़ 55 लाख रुपये के जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम प्रगति पर हैं. इनसे 190 गाँवों की 89 हजार 625 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा.
भागीदारी कर रहे संस्थानों में रामकी फाउण्डेशन, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, विक्रम जनसेवा ट्रस्ट, आईटीसी लिमिटेड, इन्टरनेशनल ट्रेसेबिलिटी सिस्टम लिमिटेड, हिन्दुस्तान यूनीलीवर प्रायवेट लिमिटेड, ओरियंट पेपर मिल, डी.बी. पॉवर और नेचर बॉयो फूड शामिल हैं.

इन संस्थान द्वारा संबंधित परियोजनाओं में 10 फीसदी वित्तीय सहयोग के साथ-साथ प्रशासनिक व्यय भार भी वहन किया जा रहा है. परियोजना के लिये तकनीकी एवं प्रबंधकीय सहयोग के साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिये विशेष तकनीकी प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों तथा कृषि क्षेत्र के विकास में कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के विभिन्न कार्यक्रमों में भी योगदान दे रहे हैं. साथ ही कृषि क्षेत्र विकास के लिये वरिष्ठ तकनीकी सलाहकारों की उपलब्धता, कृषि हेतु तकनीकी ज्ञान का प्रसार, ग्राम पंचायतों और स्व-सहायता समूहों को पौध-रोपण तथा उसके प्रबंधन के लिये तकनीकी मार्गदर्शन, हरियाली तथा वानिकी और आर्गेनिक कृषि को प्रोन्नत और प्रोत्साहित करने में भी इन संस्थान का व्यापक सहयोग हासिल हो रहा है.

कार्पोरेट सेक्टर के माध्यम से प्रदेश में संचालित एकीकृत जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रमों के अंतर्गत रामकी फाउण्डेशन द्वारा विदिशा जिले के नटेरन विकासखण्ड और सागर जिले के सागर विकासखण्ड क्षेत्र में, आईटीसी लिमिटेड द्वारा उज्जैन जिले के खाचरौद विकासखण्ड, मंदसौर जिले के सीतामऊ तथा इंदौर जिले के महू विकासखण्ड में तथा इंटरनेशनल ट्रेसेबिलिटी सिस्टम लिमिटेड द्वारा कटनी जिले के बड़वारा विकासखण्ड क्षेत्र में जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम में भागीदारी की जा रही है.

सी प्रकार महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लिमिटेड द्वारा दमोह जिले के दमोह विकासखण्ड क्षेत्र की दो परियोजनाओं में, रामकृष्ण एग्रो प्रोसेसिंग प्रायवेट लिमिटेड द्वारा नरसिंहपुर जिले के बाबई चीचली विकासखण्ड में, विक्रम जनसेवा ट्रस्ट द्वारा नीमच जिले के जावद विकासखण्ड, डी.बी. पॉवर लिमिटेड द्वारा सिंगरोली जिले के देवसर विकासखण्ड की दो परियोजनाओं में, ओरियंट पेपर मिल द्वारा शहडोल जिले के बुढ़ार विकासखण्ड क्षेत्र की दो परियोजनाओं में, हिन्दुस्तान यूनिलीवर द्वारा टीकमगढ़ जिले के बलदेवगढ़ विकासखण्ड क्षेत्र की दो परियोजनाओं में तथा नेचर बॉयो फूड प्रायवेट लिमिटेड द्वारा छिन्दवाड़ा जिले के हर्रई विकासखण्ड क्षेत्र में जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम की दो परियोजनाओं में भागीदारी की जा रही है.

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