कुछ प्लगइन्स की मदद से आप जीमेल की क्षमता बढ़ा सकते हैं, जिसके बाद समूचा ईमेल अनुभव ही बदल जाएगा. जानिए कैसे :

जीमेल गत पांच वर्ष से करीब हर हफ्ते अपनी सेवा को अपडेट करती रही है. वैसे जीमेल एक जटिल सेवा है और ‘प्लगइन्स’ की इसकी क्षमता ईमेल अनुभव ही बदल देती है. इससे एड्रेस बुक या बहुसंख्य निजी ईमेल भेजना सरल होता है. गूगल के अनुसार दुनिया में जीमेल इस्तेमालकर्ताओं का 62 प्रतिशत यानी 12 करोड़ भारत में है. याहू! मेलधारकों की संख्या भी करीब उतनी ही है. भारतीय इंटरनेट यूजर्स में से 56.7 प्रतिशत जीमेल और 56.1 प्रतिशत याहू! पर हैं. लिहाजा, जीमेल बेशक नित नई सुविधाएं अपने में जोड़ता जाता है. इस दिशा में उसके प्लगइन्स डेवलप करने वाली कंपनियां भी वृद्धि करती हैं. कुछ प्लगइन्स के बारे में जानें जो आपके जीमेल अनुभव को नया आयाम देंगे :

सोबनी (sobni.com)
सोबनी एक एड्रेस-बुक बिल्डर आपके मेल से नेम्स, फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो एकत्र कर एक क्लाउड बेस्ड कांटेक्ट लिस्ट बनाता है. सोबनी के प्लगइन्स आउटलुक, ब्लैकबेरी और जीमेल के साथ हैं, जिससे आपकी कांटेक्ट लिस्ट सभी स्थानों से एक्सेस हो सकती है. इसके अलावा यह आपकी मेल्स का रिकॉर्ड भी दर्शाती है. सोबनी के फ्री वजर्न में क्लाउड बैकअप और ब्लैकबेरी कनेक्ट नहीं है. इसका प्रो वर्जन 365 रुपए प्रतिमाह पर मौजूद है.

रैपर्टिव (repportive.com)
रैपर्टिव एक शुल्करहित प्लगइन है, जो ट्विटर, फेसबुक और लिंक्डइन पर उस व्यक्ति का समग्र ब्योरा भेजता है, जिसे आप संदेश भेज रहे हों. आप जीमेल से ट्वीट्स का जवाब या उन्हें फॉलो कर सकते हैं. साइडबार से ही उनका स्तर और कंपनी में भूमिका का पता चल जाता है. यह होता है लिंक्डइन से और फेसबुक से आपको ईमेल भेजने से पूर्व उनके मूड का अंदाज लग जाता है.

सेनबॉक्स (senebox.com)
यह जीमेल के प्राइयॉरिटी बॉक्स की तरह है. यह जरूरी ईमेल्स ट्रैक करके आपको दिखाता है। सेनबॉक्स उनका आकलन करके उन्हें उचित फोल्डरों में रखता है. आपके सॉर्टिग की गलतियां सुधारने पर सेनबॉक्स भी उसे सीखता है, जिससे वह बेहतर और कम जटिल बनता है. सेनबॉक्स में प्राइयॉरिटी बॉक्स की अपेक्षा पांच प्राइयॉरिटी हैं.

टाउट (toutapp.com)
यदि आप समान ईमेल कई लोगों को भेजना चाहते हैं तो जीमेल अधिक असरकारी साबित नहीं होता. टाउट कुछ ऐसे टैम्प्लेट बनाने की सहूलियत देता है, जिन्हें आप बदल सकते हैं और काम भी जल्दी होता है. इसमें एक समग्र एनालिटिक्स विकल्प भी है, जो बताता है कौन से टैम्प्लेट श्रेष्ठ कार्य करते हैं. टाउट का लिंक्डइन से संबंध है, जिससे धारक बिना जीमेल इनबॉक्स छोड़े लिंक्डइन संदेश भेज सकता है. यह सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए खासा कारगर साबित होगा, जहां सोशल नेटवर्क ही मुख्य औजार होता है. टाउट जीमेल के लिए फ्री है, लेकिन आपको एक इनवाइट साइन करना होगा। और यदि आप जल्दी में हैं तो 12.99 डॉलर का पेड वजर्न भी मौजूद है.

बूमरैंग (boomeranggmail.com)
यह एक फ्री जीमेल प्लगइन है, जो एक शैड्यूलिंग टूल की तरह काम करता है. यदि आप रात को किसी फाइल पर कार्य कर रहे हैं और चाहते हैं कि सुबह यह सबसे ऊपर प्राप्तकर्ता के इनबॉक्स में नजर आए तो बूमरैंग इसमें मदद करता है. यह आपको किसी निश्चित तिथि और समय का रिमाइंडर भी भेजता है, ताकि उस आयोजन की याद रहे. यदि संदेश का जवाब नहीं आता तो बूमरैंग  अपनी ओर से एक रिमाइंडर भी भेजता है.

फाइंड बिग मेल (findbigmail.com)
जीमेल की शुरुआत ईमेल्स को कभी डिलीट न करने को लेकर हुई थी, परंतु ईमेल पर हमारी निर्भरता बढऩे के साथ ऐसा होना संभव नहीं रहा था. अनेक ईमेल खो जाती हैं और जीमेल में आकार के हिसाब से सॉर्टिग की सुविधा नहीं है. फाइंड बिग मेल इस कार्य को बिग मेल, रीयली बिग मेल और अल्ट्रा बिग मेल की श्रेणियों में बांट कर अंजाम देता है. इसमें यदि यह सुविधा हो कि यूजर ईमेल को छोड़ कर अटैचमेंट को डिलीट कर सके तो यह बेहतर हो सकती है.

स्क्रब्ली (Scrubly.com)
मोबाइल डिवाइसों और डेस्कटॉप्स में कई एकाउंट्स और एड्रेस बुक्स में डुप्लीकेट, उलझाऊ और जंक एंट्रीज को खुद सुलझाना बहुत कठिन होता है. स्क्रब्ली आपके कॉन्टेक्ट्स में डुप्लीकेट को पहचान कर उन्हें रिव्यू करता है, जिससे उन्हें हटाना आसान हो जाता है. स्क्रब्ली का 30 दिन का फ्री ट्रायल होता है.

क्लाउडमैजिक (Claudmagic.com)
गूगल का बिल्ट-इन सर्च फंक्शन बेहद धीमा है और एक समय में कुछ ही रिजल्ट दिखाता है. क्लाउडमैजिक आपको जीमेल मैसेज पुन: प्राप्त कराता है, जिन्हें आप अपने मुख्य जीमेल इनबॉक्स की साइड विंडो में देख सकते हैं. इसके अतिरिक्त यह आपके सभी गूगल टूल्स को भी कनेक्ट करता है.

फॉलोअप.सीसी (followup.cc)
फॉलोअप.सीसी ईमेल के रिमाइंडर सेटअप करता है, जिन्हें आप मेल करें, उन्हें सीसी करें, ताकि आपको रिमाइंडर आए या बीसीसी, ताकि केवल आपको ही रिमाइंडर मिले. आप रिमाइंडर टाइम और डेट एड्रेस के साथ सेट करते हैं, ताकि प्रत्येक ईमेल आसानी से कस्टमाइज हो सके. फॉलोअप.सीसी की एक वेबसाइट भी है, जिसमें यूजर्स अपने अलार्म को मैनेज, हटाने या प्राप्त होने वाली मेल के लिए उन्हें सेट करवा सकते हैं. इस सहूलियत के साथ यह फॉलोदेन जैसी अन्य शुल्करहित सेवाओं से अधिक विविध साबित होती है.

Related Posts: