कहते हैं ना कि दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है, कुछ ऐसी ही परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं बॉलीवुड एक्टर नसीरूद्दीन शाह.

नसीरूद्दीन शाह पिछले दिनों फिल्म डायरेक्शन में हाथ आजमाने की करने के बुखार से पीडि़त थे. नसीर चाहते थे कि वे फिल्म के डायरेक्शन में भी हाथ आजमाएं. आपको बता दें कि नसीर ने पहले भी एक फिल्म यूं होता तो क्या होता डायरेक्ट की थी और फिल्म के बुरी तरह पिटने के बाद अपनी गलती मानते हुए दोबारा फिल्म डायरेक्शन में नहीं आने की बात कही थी. नसीर एक बार फिर से इस फिल्म को बनाना चाहते हैं जो असंभव ही है लेकिन इसके बावजूद भी वे दोबारा डायरेक्टर वाली टोपी पहनने की हिम्मत जुटा रहे हैं. एक एक्टर के तौर पर फिल्म ‘द डर्टी पिक्टर’ में उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया है और अब वे फिल्म चालीस चौरासी और माइकल पर ध्यान दे रहे हैं. मजेदार बात यह है कि जिंदगी ना मिलेगी दोबारा और द डर्टी पिक्चर करने तक उन्होंने एक्टिंग करियर को छोडऩे का मन बना लिया था लेकिन इन दो फिल्मों ने उनका मन बदल दिया. अब देखते हैं कि नसीर साहब के दिमाग में डायरेक्टिंग का कीड़ा फिर से कब जागता है.

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