रेहटी. 4 अप्रैल सं. ई-उर्पाजन गेहूं खरीदी केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा हुआ गेहूं  ट्रान्सपोर्टिंग नहीं होने से किसान परेशान है.

बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदी केन्द्रों पर ही एकत्रित हो रहा है. और कई केन्द्रों पर 25 दिनों से एक भी ट्रक गेहूं का परिवहन नहीं हो पाया है. क्योंकि ट्रान्सपोर्ट कंपनी रास्ते अच्छे नहीं होने का हवाला देती है और कहती है कि ट्रक वाले कभी सड़कों पर जाने से कतरा रहे है. ऐसे में परिवहन नहीं होने से किसानों के खातों में बेंची गई उपज का भुगतान नहीं आया है. जबकि ई-उर्पाजन केन्द्र पर खरीदी गई उपज का भुगतान उसी दिन किसान के खाते में जमा होना था. लेकिन परिवहन नहीं होने से ऐसे हालात निर्मित हो रहे है. इधर किसानों को अपनी उपज बेंचे 15 दिन हो गए है.

लेकिन उपज का भुगतान खातों में अभी भी नहीं आया है. अधिकारियों से जानकारी लेने पर पता चला कि रेहटी क्षेत्र में परिवहन का काम युसूफ टान्सपोर्ट को दिया है. और युसूफ टान्सपोर्ट के कोई भी कर्मचारी टेलीफोन पर बात करने को तैयार नहीं है. युसूफ ट्रान्सपोर्ट ने सड़क किनारे के तौल केन्द्रों का गेहूं उठाया है. यह गति भी धीमी होने से परिवहन लेट-लतीफ हो रहा है. रेहटी केन्द्र 4 हजार क्ंिवटल, बोरदी केन्द्र पर 10 हजार क्ंिवटल, मांजरकुई में 6 हजार, चकल्दी में 10 हजार, इटारसी में 4500, भड़कुल में 5 हजार, मरदानपुर में 7 से 10 हजार क्ंिवटल खरीदी केन्द्रों पर रखा हुआ है  लेकिन परिवहन नहीं हो पा रहा है. स्मरण रहे कि समय पर परिवहन नहीं होने से ग्राम मांजरकुई में समर्थन मूल्य में खरीदे गए गेहूं के बोरों में आग लग गई थी और बड़ी मशक्त के बाद आग पर नियंत्रण हो पाया. समय रहते अगर परिवहन नहीं हुआ तो पानी के हालात भी बन रहे है.

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