नई दिल्ली, 12 जुलाई. क्रिकेट के मैदान पर दूसरी पारी खेलने को तैयार विश्वकप के मैन ऑफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह अब प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचते. कैंसर से जंग जीतने के बाद इस जुझारू खिलाड़ी का जिंदगी और क्रिकेट के प्रति नजरिया अब बदल गया है.

भारत को 28 बरस बाद विश्वकप दिलाने वाले युवराज खुद इस बदलाव को स्वीकार करते हैं. उन्होंने बातचीत में कहा कि अब मैं यह नहीं सोचता कि क्रिकेट में मेरी दूसरी पारी कैसी होगी. खेल के प्रति मेरा नजरिया बदल गया है. जिस दिन मैं भारत की जर्सी फिर पहनकर मैदान पर लौटूंगा, वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन होगा. विश्वकप 2011 के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज ने कहा कि मैं अब अपने प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता. मैं अच्छा खेलना चाहता हूं लेकिन भविष्य में जो होगा, उसके बारे में अब सोचता नहीं. कुछ महीने पहले व्हीलचेयर का सहारा लेने वाले इस जुझारू खिलाड़ी ने पिछले दिनों बेंगलूरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकैडमी पर नेट पर वापसी की. नेट पर बिताए पहले दिन को लेकर वह काफी भावुक हो गए.

युवराज ने कहा कि किसी ने सोचा नहीं था कि मैं एक दिन क्रिकेट के मैदान पर लौटूंगा. जिस दिन बेंगलूरु में नेट पर मैंने पहले दिन अभ्य

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