• सेना भवन पर आतंकी साया
  • एक लाख जवान तैनात करेगा भारत, चीन और पाक से है खतरा

नई दिल्ली, 2 नवंबर.पाकिस्तान और चीन से भारत की सुरक्षा को लगातार खतरा नजर आ रहा है। खुफिया ब्यूरो ;आईबी  के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओकेद्ध में लश्कर.ए.तैयबा और जैश.ए.मुहम्म्द के आतंकियों ने भारतीय सेना के मुख्यालय ‘सेना भवन’ और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन सहित कई अहम ठिकानों पर हमले की साजिश रची है।

आईबी ने साजिश रच रहे आतंकवादियों की बातचीत सुनने का दावा किया है। आईबी का यह भी दावा है कि हमलों को अंजाम देने के लिए 5.6 आतंकी दिल्ली में घुस चुके हैं और इन्होंने यहां के कई स्थानों की रेकी भी की है। धरए चीन की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत ने तैयारी तेज कर दी है। सीमा के पास चीनी सैनिकों की बढ़ती तैनाती के खतरों से निपटने के लिए भारत ने भी सीमा पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की नीति बनाई है। अगले पांच साल में चीन से लगती सीमा पर करीब एक लाख सैनिकों की तैनाती होगी। रक्षा मंत्रालय ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए 64 हजार करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है।
इस रकम से सेना की चार नई डिवीजन बनाई जाएगी। इन्हें भारत.चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा। इन डिवीजन में से दो माउंटेन स्ट्राइक कोर होगीए जो विशेष आक्रामक सैन्य अभियान में खास तौर से माहिर होगी। सरकार की सेना की एक.एक स्वतंत्र टुकड़ी लद्दाख और उत्तराखंड में भी तैनात करने की योजना है। रकार की यह योजना सार्वजनिक होने के बाद यह सैन्य आधुनिकीकरण की सबसे बड़ी योजना होगी। 1962 के भारत.चीन युद्ध के बाद यह चीन से लगती सीमा पर सबसे बड़ी तैनाती भी होगी। भारत.चीन की सीमा पर पीएलए  की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मानव रहित विमान और हल्के हेलीकॉप्टर तैनात करने की भी योजना है.

दिसंबर में 5000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि.5 मिसाइल के परीक्षण की योजना हैए जिसकी जद में चीन के कई इलाके आएंगे। भारत ने ईस्टर्न कमांड के अंतर्गत अंडमान द्वीप में श्वारफेयर हबश् बनाने की तैयारी भी की है। यह चीन की हिंद महासागर में मौजूदगी का जवाब देने  के लिए है।

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