नई दिल्ली, 16 जनवरी. उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के मिशन-2012 में आड़े आने वाले अपनी पार्टी के लोगों के साथ कांग्रेस जीरो टॉलरेंस नीति पर चल रही है। प्रदेश में टिकट बंटवारे से असंतुष्ट होकर निष्क्रिय हो गए या भितरघात कर रहे जिलाध्यक्षों से लेकर ब्लाक अध्यक्षों को वह हफ्ते भर के भीतर बदल देगी।

ब्लाक अध्यक्षों को बदलने का अधिकार तो उत्तर प्रदेश के 10 जोनल प्रभारियों को सीधे दे दिया गया है। वहीं जिन जिलाध्यक्षों से प्रत्याशी एवं प्रभारी असंतुष्ट हैं, उनकी जगह कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने नए नामों का पैनल देने को कहा है। रकाबगंज स्थित कांग्रेस के वार रूम में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली प्रदेश के सभी जोनल प्रभारियों की बैठक में आखिर में 30 मिनट के लिए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी पहुंचे। बैठक की जानकारी लेने के बाद करीब 15 मिनट के भाषण में राहुल ने सरकार बनाने की हुंकार भरी और सभी नेताओं से 6 मार्च तक छुट्टी भूल जाने को कहा। उन्होंने कहा कि मेहनत करें और प्रदेश में सरकार बनाने के बाद ही छुट्टी मनाएं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की समीक्षा और अगली रणनीति के लिए बुलाई गई इस बैठक में सबने पहले से बहुत अछे नतीजे देने का दावा किया।

उत्तर प्रदेश के प्रभारी एवं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को सभी जोनल प्रभारियों ने बारी-बारी से विस्तृत रिपोर्टिग की। जोनल प्रभारी बनाए गए उत्तर प्रदेश कोटे से सभी केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद वर्मा, आरपीएन सिंह, प्रदीप जैन के अलावा पीएल पूनिया, जगदंबिका पाल आदि ने अब तक की प्रगति पर रोशनी डाली। उन्होंने मौजूदा माहौल के साथ-साथ सामने आ रही चुनौतियों और समस्याओं पर भी विमर्श किया। कई इलाकों के ब्लाक अध्यक्षों से लेकर जिलाध्यक्षों के काम से जोनल प्रभारी असंतुष्ट नजर आए। कांग्रेस ने चुनावी व्यूह रचना के मुताबिक गांव से लेकर ब्लाक, कस्बों और शहरों के पदाधिकारियों का पूरा चक्र बनाया है। उसमें से एक भी कड़ी कमजोर होने पर चुनावी तैयारी प्रभावित होने लगती है। टिकटों के वितरण से असंतुष्टि या फिर किन्हीं दूसरे कारणों से खासतौर से पूर्वाचल के इलाकों के कई ब्लाक और जिलाध्यक्षों के क्रियाकलापों से प्रभारियों ने असंतुष्टि जताई है।

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