चेन्नई,2 मई.  भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 2013 में अपने संन्यास की योजना को लेकर हो रही बातों को बकवास करार दिया.

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे में उनके बयान को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया और उनके इस बारे में फैसला करने में अभी समय है. इस साल जनवरी में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे में धौनी ने कहा था कि अगर उन्हें 2015 विश्व कप में खेलना है, तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ सकता है.  धौनी ने यहां कहा कि वह अपने संन्यास पर फैसला फिटनेस के आधार पर लेंगे. उन्होंने कहा कि 2013 के अंत तक मुझे देखना होगा कि मेरे शरीर की क्या स्थिति है, क्या मैं 2015 में 50 ओवर का विश्व कप खेल सकता हूं. अगर मैं तब पूरी तरह फिट नहीं हुआ, तो मुझे युवाओं के लिए जगह बनानी होगी. अगर मुझे लगेगा कि मैं सिर्फ 2014 के अंत तक दोनों प्रारूपों में खेल सकता हूं, तो मुझे वनडे प्रारूप छोडऩा होगा. फिर मैं 2015 विश्व कप नहीं खेल पाऊंगा. वनडे करियर को आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है.  धौनी ने कहा कि आपको एक अनुभवी विकेटकीपर की जरूरत है. यह काफी अहम स्थान है. विकेटकीपर हमेशा आधा कप्तान होता है. वह पूरा क्षेत्ररक्षण सजाता है और कप्तान को बताता है कि बल्लेबाजी छोर से कैसा लग रहा है.

ऐसा नहीं है कि मैं अभी संन्यास ले रहा हूं या मुझे 2013 में संन्यास लेना होगा. अब भी डेढ़ साल बचा है. किसी को नहीं पता कि क्या होगा, क्या पता कोई बड़ी चोट लग जाए और मैं क्रिकेट ही नहीं खेल पाऊं. जीवन में ऐसा हो सकता है. लेकिन मेरी योजना तब के लिए है, जब सब कुछ सही दिशा में हो.

धोनी ने किया आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी का दौरा

सेना द्वारा गर्त वर्ष लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि पाने वाले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने यहां स्थित आफिसर्स ट्रेंनिंग एकेडमी का आज दौरा किया और सेना के जवानों से औपचारिक बातचीत की.  ट्रेनिंग एकेडमी में किसी खिलाड़ी का यह पहला दौरा था. धोनी के यहां पहुचंते ही ट्रेनिंग एकेडमी के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल एस एस जोग ने उनकी अगवानी की और उसके बाद धोनी ने जवानों को संबोधित किया और अधिकारियों से बातचीत की. आईपीएल के कारण व्यस्त चल रहे चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान धोनी ने किसी तरह समय निकालकर ट्रेंनिंग एकेडमी में लगभग एक घंटा बिताया और एकेडमी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर सभी अधिकारियों, जवानों और कर्मचारियों को बधाई दी. धोनी ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि मिलना मेरे लिए गर्व की बात है. देश की सर्वोत्तम ट्रेनिंग एकेडमी में आकर मैं खुश हूं.

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