हर निकाय क्षेत्र में होंगे ग्रीन, येलो और रेड जोन

भोपाल, 23 जनवरी, नभासं. राज्य के हर शहर में फेरीवालों को धंधा करने खातिर अलग से स्थान दिया जाएगा जहां कि वह सुकून के साथ व्यापार कर सकेंगे.ग्रीन जोन में स्थाई रूप से और येलो जोन में सिर्फ तयशुदा समयों पर ही हाथ ठेले और फेरियां लगाई जा सकेंगी. जबकि रेड जोन में यह कारोबार गैरकानूनी माने जाएंगे.

यह जोन नगरीय निकाय फेरीवालों की सहमति से तय करेंगे. धंधे के लिए स्वरोजगार क्रेेडिट कॉर्ड के अलावा पांच हजार रुपए की लागत में ढाई हजार रुपए सरकार की मदद की योजना भी शुरू होगी. सभी फेरीवालों को तीन माह में परिचय पत्र दे दिए जाएंगे. उनके बच्चों को छात्रवृत्ति के अलावा परिवारों को मजदूरों को मिलने वाली अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये घोषणा आज मुख्यमंत्री निवास में हुई फेरीवालों की पंचायत में उनसे सीधे संवाद होने के बाद की.मुख्यमंत्री ने तहबाजारी शुल्क नए सिरे से तय करने, जिला पुलिस में फेरीवालों की शिकायतें सुनने अलग से सेल बनाने का भी एलान किया. चौहान ने फेरीवालों को दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना, राज्य बीमारी सहायता और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान का भी फायदा मिलेगा. कोई भी नगरीय निकाय फेरीवालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना उन्हें वर्तमान स्थानों से नहीं हटाएगा. परिचय पत्र उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. किसी भी निकाय में एक दिन में यह कार्ड दे दिए जाएंगे.

पुलिस चलाती है डंडे

फेरीवालों ने पुलिसिया अत्याचार पर जमकर आंसू बहाए और कहा कि स्थानीय निकाय के अतिक्रमण विरोधी अमले से खासा परेशानी होती है.एक ही दिन में एक से ज्यादा वार्डों में फेरी लगाने पर हर वार्ड में शुल्क वसूला जाने, सरकारी योजनाओं को लाभ नहीं मिल पाने, बैंकों से लोन नहीं मिलने आदि की समस्याएं भी सुनाई. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्याएं दूर की जाएंगी.

शराब छोडऩे का संकल्प

सीधे पंचायत के जरिए समस्या समाधान में भरोसा करने वाले शिवराज ने पंचायत में भाग लेने आए फेरीवालों को शराब की लत से दूर रहने के साथ ही तीन संकल्प दिलाए.उन्होंने बेटा बेटी में फर्क नहीं करने और बच्चों को स्कूल जरूर भेजने के संकल्प दिलाकर उनसे हामी भी भरवार्ई.

 

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