निर्मल भारत अभियान के तहत

नयी दिल्ली, 18 सितंबर. केन्द्र सरकार देश की दो लाख 50 हजार ग्राम पंचायतों को निर्मल बनाने के लिए 46 लाख महिलाओं की फौज बनाएगी और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को इससे जोडेगी.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आज यहां स्वच्छता प्रेरकों की पहली राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी. श्री रमेश ने कहा कि दस साल में देश की सभी ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पंचायत बनाना है. इसके लिए आंगनबाडी की 13 लाख महिला कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यक्रम की साढे आठ लाख महिला कार्यकर्ताओं की फौज बनायी जाएगी और उसे स्वच्छता अभियान से जोडा जाएगा. इसके अलावा महिला स्व सहायता समूह की 25 लाख महिलाओं को भी इस अभियान से जोडा जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले दस साल में 28 हजार ग्राम पंचायतों को निर्मल बनाया गया है. पर अब 2012-13 में 29 हजार 500 ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य रखा गया है 1यह तभी संभव होगा.

जब इन महिलाओं को भी इस अभियान से जोडा जाये. उन्होंने कहा कि मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को भी इस अभियान से जोडा जाएगा तथा इस संबंध में शीघ्र ही दिशानिर्देश जारी किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों की महिलाएं अभी भी खुले में शौच करती हैं. उन ग्राम पंचायतों को निर्मल पुरस्कार नहीं दिए जाएंगे. निर्मल ग्राम पुरस्कार उन्हीं गांवों को मिलेगा जहां महिलाएं खुले में शौच नहीं करती हों. निर्मल ग्राम पंचायत के मूल्यांकन के लिए 300 गैर सरकारी संगठनों का भी मदद ली जाएगी.

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