नयी दिल्ली, 2 सितम्बर. लंदन ओलंपिक में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले पहवान सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की अपनी तैयारियों को मजबूती देने के साथ-साथ युवा पहलवानों के लिए ‘गाइड’ की भूमिका भी निभाएंगे.

लंदन में रजत जीतने वाले सुशील और कांस्य विजेता योगेश्वर के गुरु महाबली सतपाल ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में 2016 में रियो डि जेनेरो में होने वाले अगले ओलंपिक के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि सुशील और योगेश्वर के अनुभव का इस्तेमाल नए बच्चों को तैयार करने के लिए किया जाएगा. हम अगले ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य 2016 तक 22 लड़कों को तैयार करना है जो पदक के दावेदार होंगे.

महाबली सतपाल ने बताया कि आगामी सात सितम्बर को बवाना के राजीव गांधी स्टेडियम में होने वाले 37वें अंतरराष्ट्रीय हुकम सिंह स्मृति दंगल में इन दोनों पहलवानों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा. सुशील और योगेश्वर दोनों इसी दंगल की देन हैं. उन्होंने साथ ही बताया कि हाल में हरिराम इंडियन ग्रां प्री कुश्ती टूर्नामेंट कराने वाले अशोक अग्रवाल को दंगल कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है.

संवाददाता सम्मेलन में आश्चर्यजनक रूप से उम्मीदों के विपरीत ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों ने मंच से नीचे आकर सभी मीडियाकर्मियों के पास जाकर उन्हें फूल भेंट किये और कुश्ती के प्रति दिखाए समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया.सुशील ने इस अवसर पर मीडियाकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा लंदन के बाद मैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी से मिला. मुंबई में मैं सलमान खान से मिला जिन्होंने मुझसे कहा कि उन्होंने मेरी सभी कुश्तियां देखीं थी. रजत विजेता ने कहा मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ऐसे गुरु कोच और योगेश्वर जैसे साथी मिले. मेरा आप सबसे और देशवासियों से विनम्र आग्रह है कि यही प्यार बनाए रखें. हम आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे.

योगेश्वर ने भी कहा हम भरोसा दिलाते हैं कि हम अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और अगले ओलंपिक में भी देश का नाम रौशन करेंगे. द्रोणाचार्य अवार्डी सतपाल ने कहा मैं 44 वर्षों से कुश्ती में हूं. मैंने 3000 से ज्यादा कुश्तियां लडी है लेकिन जैसी कुश्ती इन दोनों ने लंदन में लड़ी वैसी कुश्ती मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखी. सुशील का विपक्षी पहलवान को कंधे से ऊपर उठाने वाला हाथी चिंघाड़ दाव और योगेश्वर का फीतले दाव अद्भुत थे. अशोक अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा हमने ओलंपिक कुश्ती से पहले छत्रसाल स्टेडियम में हवन किया था और उस समय लिया गया संकल्प मैं आज फिर यहां दोहरा रहा हूं कि अगले ओलंपिक में हम कुश्ती के सभी 18 वर्गों में भागीदारी करेंगे और इसकी तैयारियां अभी से शुरू की जा रही हैं. हमारा लक्ष्य रियो में अधिक से अधिक मैडल हासिल करना है

सुशील को मिला सोने का मैडल

भारतीय कुश्ती के महानायक सुशील कुमार ने लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास बनाया मगर वह स्वर्ण पदक से थोड़ा दूर रह गए लेकिन शनिवार रात चांदनी चौक में एक सम्मान समारोह में सुशील को 100 ग्राम सोने का पदक प्रदान किया गया. सुशील इस पदक से काफी अभिभूत नजर आ रहे थे. चांदनी चौक स्थित प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर श्रीनरसिंह जी हनुमान जी महराज के प्रांगण में हुए समारोह में सुशील को गोल्ड मैडल प्रदान किया गया. सुशील को इसके साथ 51 हजार रुपये के दो हार और 50 किलोग्राम बादाम भी भेंट किए गए.
सुशील के गुरु महाबली सतपाल और भारतीय कुश्ती महासंघ के महासचिव राज सिंह को भी 11-11 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया. एशियाई चैम्पियन पावरलिफ्टर गौरव शर्मा ने यह सम्मान समारोह आयोजित किया था. इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जे पी अग्रवाल भी उपस्थित थे.

सुशील ने इस अवसर पर कहा जब मैं लंदन ओलंपिक जा रहा था तो मैंने इस मंदिर से आशीर्वाद लिया था और मुझे खुशी है कि मैं देश के लिए पदक जीतने में कामयाब रहा. आप सभी मेरे लिए अब दुआ करना कि मैं रियो में 2016 में अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत कर लौंटू. द्रोणाचार्य अवार्डी महाबली सतपाल ने कहा लंदन जाने से पहले जब हम यहां प्रार्थना करने आए थे तो मेरे मन ने मांगा था कि सुशील लंदन में मैडल जीते. मेरी यह मुराद पूरी हो गई. काश यदि मैंने गोल्ड मांगा होता तो वह मुराद भी पूरी हो जाती. लेकिन अब मैं अगले ओलंपिक से पहले यहां आकर सुशील के गोल्ड जीतने की प्रार्थना करूंगा.

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