• ‘एलपीजी पोर्टल’ की शुरुआत

नई दिल्ली, 22 जून.  देश के लगभग 14 करोड़ घरों में आपूर्ति होने वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के बारे में पूरी जानकारी देने की एक नई पहल करते हुए आज यहां ‘एलपीजी पोर्टल’ की शुरुआत की गई. गैस उपभोक्ता इस पोर्टल पर अपनी शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने यहां इस पोर्टल का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, ‘इस पोर्टल से एलपीजी उपभोक्ता और ज्यादा समर्थ और जागरूक बनेगा. इसके साथ ही सिलेंडर आपूर्ति के बारे में पारदर्शिता भी बढ़ेगी.’ सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने मिलकर इस वेब प्लेटफार्म की शुरुआत की है. इसके जरिए देश के सभी 14 करोड़ घरों में होने वाली सिलेंडर आपूर्ति के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध होगी. इसके जरिए कोई भी उपभोक्ता सिलेंडर के उपयोग, बुकिंग की स्थिति, रिफिल की पिछली जानकारी, कनेक्शन वापस करने तथा कितनी सब्सिडी उसे मिली इसकी जानकारी ले सकता है.

इस पोर्टल तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट पेट्रोलियम डॉट एनआईसी डॉट इन’ के जरिये पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों की वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडेन डॉट सीओ डॉट इन तथा डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट ईभारतगैस डॉट कॉम और डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट हिन्दुस्तानपेट्रोलियम डॉट कॉम’ के जरिये भी पहुंचा जा सकता है. उपभोक्ता के नाम, नंबर और वितरक के नाम से पूरी जानकारी मिल सकती है. तेल कंपनियां डीजल, मिट्टी तेल और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बिक्री उनकी आयात दर से कम दाम पर करती हैं. रसाई गैंस गैस सिलेंडर पर इस समय प्रति सिलेंडर करीब 400 रुपए की सब्सिडी है.

21 दिन का नियम नही

पेट्रोलियम पदार्थों पर बढ़ती सब्सिडी को लेकर चिंतित पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी के घर पर पिछले एक साल में 26 रसाई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई. यानी उन्हें हर महीने औसतन दो से अधिक सिलेंडर मिले जबकि आम उपभोक्ताओं को महीने में मुश्किल से एक सिलेंडर ही मिल पाता है.  ‘एलपीजी पोर्टल’ उद्घाटन अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसी इंटरनेट पोर्टल से पेट्रोलियम मंत्री को जारी रिफिल सिलेंडरों की संख्या का पता लगा. समारोह में उपस्थित इंडियन ऑयल के चेयरमैन आर.एस. बुटोला से जब पूछा गया कि पेट्रोलियम मंत्री के घर महीने में औसतन दो से अधिक सिलेंडर कैसे दिए गए जबकि आम आदमी को 21 दिन से पहले सिलेंडर नहीं मिलता तो उन्होंने कहा ‘ऐसा कोई नियम नहीं है कि 21 दिन से पहले रिफिल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. हालांकि, उन्होंने माना कि एलपीजी की उपलब्धता कम है, जिसकी वजह से प्रतीक्षा का समय बढ़ गया है.’

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