इस्लामाबाद, 29 सितंबर. पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने अमेरिका और अपने देश के बीच तल्ख होते रिश्तों के बीच कहा है कि पाकिस्तान अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क की मदद करने का आरोप लगाए जाने के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए है। खार ने नेशनल पब्लिक रेडियो पर बुधवार को प्रसारित एक साक्षात्कार में अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ माइक मुलेन के बयान पर कड़ा ऐतराज व्यक्त करते हुए कहा कि कोई एकतरफा समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें इस तरह के बयान पर सख्त ऐतराज है, जिसे उस मुल्क का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे शख्स ने दिया है जिसके साथ हमने आतंकवाद रोधी कई अभियानों में कामयाबी हासिल की है।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सम्प्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। आप पाकिस्तानियों को यह संदेश नहीं देना चाहते कि उनकी जिंदगियां आपके जीवन से कम महत्वपूर्ण है। यह खराब संदेश है। खार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की बेहतरी पड़ोसी देश के सुरक्षित होने में है। उन्होंने शांतिपूर्ण क्षेत्र के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई। पाक विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश और अमेरिका को एक-दूजे की जरूरत है और वे समान लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तान की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।  उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए कि अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या होगी? इस जंग में हमारे छह हजार जवान मारे जा चुके है।

उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए कि अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी यदि इतनी ही तादाद में उसके लोग मारे जा चुके हों और उस पर अन्य देशों की ओर से ऐसी प्रतिक्रियाएं मिल रही हों कि समस्या आप है, आप समस्या का हिस्सा है। उधर, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से निपटने के मुद्दे पर राष्ट्रीय आम सहमति कायम करने के लिए आज सरकार द्वारा बुलाई गई राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण बैठक से पूर्व पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और असैन्य अधिकारियों ने करीब दो घटे तक बैठक की।

बीती रात प्रेसीडेंसी में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी तथा सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी ने देश के समक्ष मौजूदा मुद्दों की समीक्षा की। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने यह जानकारी दी।
विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार तथा खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को हालात की जानकारी देंगे।

गिलानी ने यह बैठक अमेरिका के साथ रिश्तों में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में बुलाई है। आईएसआई का संबंध हक्कानी नेटवर्क से होने के अमेरिकी आरोपों के मद्देनजर सरकार द्वारा आज बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक में एक समन्वित नीति अपनाने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इसमें पीएमएल एन तथा जमात ए इस्लामी समेत करीब 60 राजनीतिक और धार्मिक दलों के नेता भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर कल अमेरिका से लौटीं खार विदेश नीति मामलों पर बैठक को जानकारी देंगी जबकि पाशा सुरक्षा स्थिति से बैठक को अवगत कराएंगे। इसमें हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अमेरिका की एकतरफा कार्रवाई की धमकियों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का मसला भी शामिल होगा।

विदेश मंत्री की ब्रीफिंग इस मायने में काफी अहमियत रखती है कि मुलेन के बयान के बाद अमेरिकी प्रशासन से एकमात्र वही ऐसी वरिष्ठ पाक नेता हैं जिनका संपर्क बना हुआ है। वरिष्ठ सेना अधिकारी इस बैठक में राजनीतिक नेतृत्व को पाकिस्तान के समक्ष उपलब्ध विकल्पों के बारे में चर्चा करेंगे। समझा जाता है कि इस बैठक में राजनीतिक नेतृत्व पाकिस्तान के रूख को स्पष्ट करने के सुझाव उपलब्ध कराएंगे और साथ ही  अपने सुरक्षा बलों के बारे में गलतफहमी  को दूर करेंगे। इस बैठक में सेना का प्रतिनिधित्व सेना प्रमुख जनरल कियानी और ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ समिति के अध्यक्ष जनरल खालिद शमीम वायने करेंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री के निवास पर दोपहर करीब दो बजे शुरू होगी।

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