माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर इंटरफेस का डिजाइन बदला तो है ही, उसने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि उसमें पूरी बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी हो। इस पर विंडोज 7 के सभी एप्लिकेशन चलते हैं और विंडोज 7 से इसमें अपग्रेड करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। विंडोज 7 पर चलने वाले सभी हार्डवेयर इस पर भी चलेंगे। इसमें कम्पैटिबिलिटी को लेकर कोई दिक्कत नहीं आएगी और न ही इसमें अतिरिक्त ड्राइवर की जरूरत होगी.

दो साल पहले लॉन्च किए गए विंडोज 7 ने खुद को माइक्रोसॉफ्ट का अब तक का सबसे टिकाऊ ऑपरेटिंग सिस्टम साबित किया है. अब माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 8 लॉन्च किया है, जिसका मकसद न सिर्फ अपनी पुरानी कामयाबी को दोहराना बल्कि कंप्यूटर चलाने के तौर-तरीके में बदलाव लाना है.

बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी
माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर इंटरफेस का डिजाइन बदला तो है ही, उसने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि उसमें पूरी बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी हो। इस पर विंडोज 7 के सभी एप्लिकेशन चलते हैं और विंडोज 7 से इसमें अपग्रेड करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। विंडोज 7 पर चलने वाले सभी हार्डवेयर इस पर भी चलेंगे। इसमें कम्पैटिबिलिटी को लेकर कोई दिक्कत नहीं आएगी और न ही इसमें अतिरिक्त ड्राइवर की जरूरत होगी.

नया  मेट्रो  इंटरफे
इसके पूरी तरह नए  मेट्रो  इंटरफेस में विंडोज फोन 7 की तरह का टाइल लेआउट है. इसको टच स्क्रिन के लायक बनाया गया है, लेकिन इसका इस्तेमाल माउस और कीबोर्ड से भी किया जा सकेगा। इसके टाइल लाइव हैं और इंटरनेट से कनेक्ट होने पर जरूरी सूचनाएं अपने आप लेकर अपडेट हो जाते हैं। इसमें स्वाइप से नेविगेशन किया जा सकता है और ज्यादातर एप्लिकेशन डिफॉल्ट पर फुल स्क्रीन मोड में चलते हैं। इसमें दो एप्लिकेशन दाएं-बाएं एक साथ चलाए जा सकते हैं.

10 सेकंड में चालू होता है
विंडोज 8 जल्द स्टार्ट और शट डाउन किया जा सकता है. ज्यादातर नए पीसी पर यह 10 सेकंड में स्टार्ट हो सकता है। विंडोज समूचे सिस्टम को बंद करने के बजाय कुछ एलीमेंट को हाइबरनेट करता है। जब आप अपना पीसी स्टार्ट करेंगे तो ये एलीमेंट एक्टिव हो जाएंगे। आप को इनको नए सिरे से ओपन नहीं करना पड़ेगा। इससे स्टार्ट होने में लगने वाला समय घटता है. इसके अलावा विंडोज 8 बूट साइकल के दौरान प्रोसेसर के सभी कोर का इस्तेमाल करता है.

नया विंडोज एक्सप्लोरर
विंडोज 8 के एक्सप्लोरर में ऑफिस 2010 का रिबन इंटरफेस लिया गया है. प्रिव्यू विंडो को वाइडस्क्रीन डिसप्ले के प्रभावी इस्तेमाल के लिए नए सिरे से डिजाइन किया गया है. ये अब तो लैपटॉप और डेस्कटॉप के लिए आम हो गए हैं. आपने कुछ छोटे मोटे बदलाव देखे होंगे जैसे न्यू फाइल कॉपी इंटरफेस, जो आपको कॉपी के बीच में प्रोसेस को रोकने की सुविधा देगा. इसके अलावा नया इंटरफेस डुप्लीकेट फाइल नेम को रिप्लेस या रीनेम के लिए ज्यादा विकल्प मुहैया कराएगा.

टचस्क्रीन सेलेक्शन में आसानी
विंडोज 8 को देखने पर ऐसा लगता है कि इसे टचस्क्रीन के साथ इस्तेमाल के लिए बनाया गया है. मेट्रो टाइल से लैस एकदम नए स्टार्ट स्क्रीन का नेविगेशन स्वाइप में सबसे अच्छा काम लिया जा सकता है. बड़े टाइल होने से टचस्क्रीन सेलेक्शन में आसानी होती है। लॉक स्क्रीन को अनलॉक करने के लिए स्वाइप अप करना पड़ेगा। यह स्मार्ट फोन के स्क्रीन की अनलॉकिंग के तरीके जैसा है. यह फीचर वेंडर्स को टचस्क्रीन नोटबुक लॉन्च करने के लिए प्रेरित कर सकता है.

टैबलेट और पीसी के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि विंडोज 8 स्टैंडर्ड इंटेल और एएमडी प्रोसेसर के अलावा एआरएम प्रोसेसर पर भी काम करेगा जिसका इस्तेमाल टैबलेट में किया जाता है.
माइक्रोसॉफ्ट की फ्री ऑनलाइन स्टोरेज सुविधा स्काईड्राइव एंटीग्रेशन की मदद से विंडोज 8 अपने आप सभी डॉक्यूमेंट, पिक्चर और क्लाउड कंप्यूटिंग में उपलब्ध दूसरे ऑनलाइन कंटेंट को सिंक कर सकते हैं. इसलिए अगर आप अपने पीसी, लैपटॉप या टैबलेट पर विंडोज 8 चलाना चाहते हैं तो आपकी सभी पुरानी सेटिंग और फाइल आपको तब तक उपलब्ध होगी जब तक आप इंटरनेट के जरिए स्काईड्राइव को एक्सेस कर सकेंगे.

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