भोपाल, 29 जुलाई. विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर हमीदिया चिकित्सालय में रिसर्च एवं साइंटफिक सोसायटी, मेडिसिन विभाग द्वारा हेपेटाइटिस बी एवं सी रोगियों एवं उनके परिजनों के लिए एक शिविर का आयोजन किया गया.

इस शिविर में से पीडि़त 220 रोगियों के परिजनों का निशुल्क रक्त परीक्षण किया गया. एवं इस अवसर पर डॉ. आर के जैन  द्वारा लिखित हेपेटाइटिस बी/सी से संबंधित साहित्य का विमोचन किया गया. तथा इस रोग के बारे में अधिक जागरुकता लाने हेतु इस साहित्य का निशुल्क वितरण किया गया. दोपहर साढ़े 12 बजे इस शिविर का उद्ïघाटन मुख्य अतिथि डॉ. एससी तिवारी, संचालक चिकित्सा शिक्षा, डॉ. एनपी मिश्रा पूर्व डीन एवं विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठïता डॉ. निर्भय श्रीवास्तव द्वारा किया गया.

इस अवसर पर अपोलो अस्पताल दिल्ली से वरिष्ठï उदर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार एवं वरिष्ठï लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुभाष गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रोग की खास बात यह है कि आरंभिक अवस्था में इस रोग के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते इसलिए मरीज को  पता ही नहीं चलता कि वह बीमार है. जब तक बीमारी आगे बढ़ चुकी होती है. इस अवस्था में उसे तकलीफ शुरु होती है. जैसे पैरों में सूजन, पेट में सूजन, पीली आंखें, ख्ूान की उल्टी आदि. इस अवस्था में उसका इलाज लिवर ट्रांसप्लांट ही है. पर यदि बीमारी का पता आरंभिक अवस्था में लग जाए तो उसे पूर्णत: दवाओं से ठीक किया जा सकता है.

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