इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया से निपटने

बेंगलूर, 4 सितंबर. न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 2-0 से क्लीन स्वीप हासिल करने से उत्साहित टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने युवा ब्रिगेड और ज्यादा मौके दिए जाने की वकालत करते हुए कहा है कि मौजूदा टीम अब इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी आगामी सीरीजों में बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है.

सोमवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां दूसरा मैच जीतने के बाद धोनी ने संवाददाताओं से कहा कि अपनी टीम के प्रदर्शन से वह खुश हैं और इसे देखते हुए आगामी सीरीजों में इसमें बदलाव की संभावना बहुत कम है. उन्होंने कहा कोई फेरबदल जैसी बात नहीं है. सचिन तेंदुलकर को लेकर लोग चिंतित हैं लेकिन यह बस वक्त. वक्त की बात है. वह फार्म में जरूर लौटेंगे. धोनी ने कहा हमारे युवाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है और हमें इन्हें सही मौके देते रहने की जरूरत है. इस मैच में उन्होंने दिखाया कि वे दबाव से निपट सकते हैं. खासकर. सुरेश रैना और विराट कोहली ने दबाव में लाजवाब बल्लेबाजी की.

यह शुभ संकेत है. इन्हें समर्थन देना ही इनको आगे बढाने का सबसे बढिय़ा रास्ता है… उन्होंने कहा हमें इन लोगों के साथ मिलकर ही आगे लंबी लड़ाई लडनी है. इन खिलाडियों पर काफी लंबे समय के साथ ऊर्जा खर्च की गयी है. हम किसी एक या दो मैच की बात नहीं कर सकते हैं बल्कि आप देखेंगे कि ये खिलाड़ी हमेशा हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करेंगे. इन्हें लगातार अच्छा खेलना होगा. धोनी ने कहा ये युवा दबाव झेलने में बेहद सक्षम हैं और इसके लिए इन्होंने दोतरफा रास्ता अपनाया है. पहला. जाते ही अपने स्वाभाविक अंदाज में ताबडतोड बल्लेबाजी करना और दूसरा दबाव की स्थितियों में डटकर उसका सामना करना. अलग-अलग खिलाड़ी हालात से निपटने के लिए अलग तरीका अपनाते हैं और मुझे उम्मीद है कि ये खिलाडी टेस्ट क्रिकेट में ये तरीके अपनाते रहेंगे.

राहुल द्रविड और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों की गैरमौजूदगी में विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी के बारे में पूछे जाने पर धोनी ने कहा मुझे लगता है कि टीम में आ रहे युवा किसी की भरपाई करने के लिए नहीं आये. वे अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए आये हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करते देखना अच्छा लग रहा है. उन्होंने कहा युवाओं का अच्छा प्रदर्शन वास्तव में खुशी देता है लेकिन पुजारा 150 या 160 रन की पारी खेल भी जाएं तो भी आपको द्रविड और लक्ष्मण की कमी खलती रहेगी. उन लोगों ने 15-16 वर्षों में जो पद्रर्शन किया है. यह उसी का परिणाम है कि आप उन्हें भुला नहीं पाएंगे. कप्तान ने कहा खासकर इस मैच में तो विराट ने बेहरीन प्रदर्शन किया है. हमें एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो टिककर खेले और दबाव कम कर सके. विराट ने दोनों पारियों में यह काम किया. पुजारा ने दोनों मैचों में अच्छा खेल दिखाया.

यह लगातार सीखने की प्रक्रिया है और युवा इस प्रक्रिया में अच्छी शेप ले रहे हैं. यह हमारे लिए सकारात्मक संदेश है.धोनी ने कहा टीम अभी अच्छी लय में है और खिलाडी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. मुझे लगता है कि गौतम गंभीर भी नेट्स में तो अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और जल्द ही मैदान पर भी फार्म में लौट आएंगे. इस मैच में भी उन्होंने अच्छी कोशिश की. उनकी शुरुआत तो लाजवाब थी. इसलिए हमें उम्मीद है कि आने वाले मैचों में उनका बल्ला बोलेगा. सचिन के प्रदर्शन के बारे में धोनी ने कहा मैं इसको लेकर बहुत चिंतित नहीं हूं. मैं इस बात का इंतजार कर रहा हूं कि सचिन जल्द ही एक शानदार पारी खेलकर आलोचकों को चुप करेंगे. वह हमेशा अपने आलोचकों का जवाब कोई अच्छी पारी खेलकर ही देते आये हैं. वह फिर ऐसा करेंगे. गेंदबाजी की बावत उन्होंने कहा हमारे तेज गेंदबाजों को कुछ सुधार की जरूरत है. हालांकि अब तक उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की. वास्तव इस मैच में तेज गेंदबाजों के लिए करने को कुछ खास नहीं था. फिर भी, हमें थोडे से सुधार की जरूरत है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा करेंगे. कप्तान ने कहा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज बहुत अच्छी रही. टर्निंग विकेट पर खेलना निश्चित रूप से हमें अच्छा लगता है. सीरीज में ऐसी विकेट नहीं मिली लेकिन फिर भी दोनों टेस्ट में स्पिनरों ने कमाल का प्रदर्शन किया. विकेट से मदद नहीं मिलने के बावजूद बल्लेबाजों से उनका संघर्ष देखने लायक रहा

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