नयी दिल्ली, 25 नवंबर. कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मिशन यूपी को सफल बनाने के लिए अब बुजुर्ग नेताओं की सरपरस्ती में युवाओं की नई टीम को आगे करने की रणनीति बनाई है. इसके तहत वे न सिर्फ जिला स्तर पर युवाओं को सक्रिय करने पर जोर दे रहे हैं बल्कि उनकी नजर पंचायत व गांव स्तर पर टिकी हुई है. इस रणनीति को अमली जामा पहनाने के उदेश्य से ही श्री गांधी अब अपनी पदयात्रा के दौरान सुस्त व निष्क्रिय पड़े नेताओं से दूरी बनानी आरंभ कर दी है.

सूत्रों की माने तो श्री गांधी ने एक बार फिर हवाई नेताओं को गांव की तरफ नजर करने को मजबूर कर दिया है . उन्होंने सबसे पहले अपने युवा मंडली को यह निर्देश दिया है कि पंचायत स्तर के सक्रिय युवाओं को आगे करते हुए गांवों की समस्या को उन्हीं के माध्यम से उठाने का प्रयास किया जाना चाहिए. युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव सातव, राष्ट्रीय सचिव मीनाक्षी नटराजन और प्रदेश के युवक कांग्रेस प्रभारी महासचिव वीरेंद्र राठौर को अपनी नई सोच को मूर्त रूप देने की अहम जिम्मेदारियां देकर खास तौर पर युवाओं की नई टीम को पार्टी के साथ जोडऩे को कहा है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि श्री गांधी की नई रणनीति की झलक उनकी पदयात्रा के दौरान दिखी जब उन्होंने ज्यादातर बड़े नेताओं व सुस्त कार्यकर्ताओं को भी पदयात्रा से अलग रखने को कहा. सूत्रों की माने तो श्री गांधी इस प्रयोग के माध्यम से न सिर्फ अपनी बात की चर्चा जिला स्तर पर कराना चाहते हैं बल्कि नई सोच की झलक गांव तक पहुंचाना चाह रहे हैं. इसी वजह से श्री गांधी ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों को अपनी युवक कांग्रेस की टीम के साथ समन्वय बैठाकर जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की बात कही है. इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी के सभी वरिष्ठï नेताओं को युवाओं का मार्गदर्शन देने का भी निर्देश दिया है. संभवत: इसी वजह से राहुल की पूर्वांचल पदयात्रा के प्रबंधन की जिम्मेदारी इस बार पुराने कार्यकर्ताओं के बजाय युवक कांग्रेस की टीम ने संभाल रखी थी.

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