नई दिल्ली, 5 फरवरी. भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह कैंसर से जूझ रहे हैं. यह 30 वर्षीय बाएं हाथ का बल्लेबाज इलाज के सिलसिले में अमेरिका में है. उनके परिवार ने पहले युवराज के फेफड़े में ट्यूमर की पुष्टि की थी. लेकिन अब जांच में इसे घातक पाया गया है और युवराज इस समय बोस्टन में कैंसर अनुसंधान संस्थान में कीमोथेरेपी करा रहे हैं.

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों समेत हजारों लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. उनके फिजियो डॉ जतिन चौधरी ने हालांकि आश्वस्त किया कि इसे इलाज से ठीक किया जा सकता है और यह बल्लेबाज मई में क्रिकेट खेलने के लिए फिट होगा. युवराज की मां शबनम सिंह से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि उनके पिता योगराज सिंह ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. चौधरी ने कहा यह असमान्य ट्यूमर है, लेकिन यह कैंसरस भी है. लेकिन इसका पता पहले चरण में ही लगा लिया गया है. डॉक्टरों को फैसला करना था कि वे दवाई जारी रखें या फिर कीमोथेरेपी कराएं. लेकिन ट्यूमर का हिस्सा उनके दिल की धमनी के ऊपर था, तो इसमें खतरा था, क्योंकि यह फट सकता था. लेकिन इसका पूरी तरह से उपचार किया जा सकता है.

चौधरी ने कहा, ”डॉक्टरों ने फैसला किया कि उसे कीमोथेरेपी करानी पड़ेगी और वह 26 जनवरी को अमेरिका गया. मार्च के अंत में वह सीटी स्कैन कराएगा और तब तक उसे उबर जाना चाहिए. इसके बाद अप्रैल में रिहैबिलिटेशन होगा और वह मई तक खेलने के लिए फिट हो जाएगा.” युवराज पिछले साल विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, उन्होंने 362 रन और 15 विकेट चटकाकर चार मैच मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल किए थे. वह इस बीमारी के लिये आयुर्वेदिक दवाईयां भी ले रहे हैं.

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