मुंबई, 10 अगस्त. वनडे विश्वकप के मैन आफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह को कैंसर की जंग जीतने और अपनी फिटनेस हासिल करने के बाद सितंबर में श्रीलंका के होने वाले ट्वंटी-20 विश्वकप के लिए आज 15 सदस्यीय घोषित भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया. लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे आफ स्पिनर हरभजन सिंह भी आखिर वापसी करने में कामयाब रहे.

युवराज को ट्वंटी-20 विश्वकप के संभावितों में जगह मिली थी और वह बेंगलूर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी में अपनी फिटनेस को हासिल करने के लिए लगातार जुटे हुए थे. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने युवराज की प्रगति पर संतोष जताया था. राष्टï्रीय चयनसमिति के अध्यक्ष कृष्णामाचारी श्रीकांत ने टीम की घोषणा करते हुए बताया कि युवराज को फिट घोषित कर दिया गया था इसलिए उन्हें विश्वकप टीम में जगह दी गयी है. श्रीकांत ने कहा युवराज 2007 ट्वंटी-20 विश्वकप और फिर 2011 वनडे विश्वकप में मैन आफ द टूर्नामेंट रहे थे और भारतीय उम्मीदों के लिए उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. श्रीकांत ने कहा हमने जो टीम कांबिनेशन रखी है उसे देखते हुए मैं कह सकता हूं कि हमारे पास विश्वकप जीतने का सुनहरा मौका रहेगा.

हमने विश्वकप को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन किया है. युवराज बीमारी के कारण और हरभजन खराब फार्म के कारण लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे. पिछले कुछ समय से युवराज की वापसी की अटकलें लग रही थीं हालांकि टीम चयन से एक दिन पूर्व चयनकर्ताओं में इस बात को लेकर कशमकश चल रही थी कि युवराज को चुना जाए या नहीं. बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला ने हाल ही में युवराज की प्रगति को बेहद संतोषजनक बताया था. श्रीलंका में 18 सितंबर से सात अक्टूबर तक होने वाले विश्वकप से पहले युवराज न्यूजीलैंड के खिलाफ आठ और 11 सितंबर को दो घरेलू ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे.

ट्वंटी-20 विश्वकप टीम में हरभजन का चयन इस दिग्गज आफ स्पिनर के लिए इस साल की सबसे बडी खुशखबरी है. हरभजन पिछले साल इंग्लैंड के दौरे के बाद से ही नजरअंदाज चल रहे थे. उन्होंने खुद को घरेलू क्रिकेट में भी आजमाया था लेकिन उन्हें ज्यादा कामयाबी नहीं मिली थी. वह फिर इंग्लिश काउंटी में भी पहुंचे थे लेकिन वहां भी उन्हें निराश होना पडा. चयनकर्ताओं ने पंजाब के इस आफ स्पिनर को चुनकर सबको हैरत में डाला है.
उनके चयन के पीछे सिर्फ एक वजह हो सकती है और वह है उनका विशाल अनुभव और जुझारू क्षमता. श्रीलंका में हाल में एकदिवसीय सीरीज में सुपरफ्लाप रहे रोहित शर्मा ट्ïवंटी-20 विश्वकप के लिए अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे जबकि लेग स्पिनर पीयूष चावला और तमिलनाडु के तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी भी टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब रहे.

इन दोनों ही खिलाडिय़ों को आईपीएल-पांच में अच्छे प्रदर्शन का फायदा विश्वकप टीम के रूप में मिल गया. विश्वकप में ओपनिंग की जिम्मेदारी वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर के कंधों पर रहेगी. बल्लेबाजी क्रम में इसके बाद दारोमदार विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना और कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी पर रहेगी. आलराउंडर की भूमिका के लिए इरफान पठान रहेंगे जो श्रीलंका दौरे में वनडे और टवंटी-20 मैच दोनों में बेहद सफल रहे थे. तेज गेंदबाजी संभालने के लिए जहीर खान, इरफान, अशोक डिंडा और लक्ष्मीपति बालाजी रहेंगे. जहीर और इरफान के साथ तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका के लिए मुकाबला बालाजी और डिंडा के बीच रहेगा. विशेषज्ञ स्पिनर के लिए रविचंद्रन अश्विन का अंतिम एकादश में रहना तो तय है और टीम में स्थान बनाने के लिए चावला और हरभजन को जूझना पड़ेगा.
मध्यक्रम में रोहित शर्मा और मनोज तिवारी भी मौजूद हैं लेकिन शुरु में उनके अंतिम एकादश में उतरने की संभावना कम ही नजर आती है. अगर भारत चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरता है तो तिवारी को पहली एकादश में जगह मिल सकती है. रोहित के लिए यह अच्छा रहा कि श्रीलंका में सुपरफ्लाप रहने के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया.

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