लाहौर, 12 अक्टूबर.पाकिस्तान की एक अदालत ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी, पीएमएल- एन प्रमुख नवाज शरीफ, क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान और कई अन्य राजनीतिज्ञों को एक याचिका के संबंध में नोटिस जारी किया है, जिसमें उनके संपत्ति के ब्यौरे की मांग की गई है।

लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इजाज अहमद चौधरी ने सभी प्रतिवादियों को अपनी दुनिया भर की संपत्तियों की सूची हलफनामे के साथ जमा करने का निर्देश दिया। अन्य प्रतिवादियों में पीएमएल क्यू के वरिष्ठ नेता चौधरी शुजात हुसैन, चौधरी परवेज इलाही, पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ, पंजाब के मुख्य सचिव नासिर खोसा, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी का नाम शामिल है। संघीय कैबिनेट सचिव और विधि सचिव को याचिका में पक्षकार बनाया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने अपने लिखित आदेश में कहा कि रिट याचिका के प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाएगा जो अपने जवाब को हलफनामे के साथ दायर करेंगे और उसकी एक अग्रिम प्रति याचिकाकर्ता के वकील को मुहैया कराएंगे। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर के पहले हफ्ते में होगी। वकील जावेद इकबाल जाफरी ने 1993 में दायर अपनी मुख्य याचिका में सभी प्रतिवादियों को अपनी दुनिया भर की संपत्तियों का ब्यौरा देने का निर्देश देने की मांग की। उन्होंने एक संशोधित याचिका दायर की और आरोप लगाया कि नेताओं ने सरकारी धन को लूटा और अरबों रुपये विदेशी बैंकों में जमा कराए।हैं।

जरदारी को सता रहा था तख्तापलट का डर

इस्लामाबाद, 12 अक्टूबर. अमेरिका द्वारा ओसामा बिन लादेन को मार गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पाक में सैन्य तख्तापलट का डर सता रहा था। इसी डर में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से दरख्वास्त की थी कि वे पाक सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी को ऐसी किसी भी कार्रवाई से रोकें।  अमेरिका में बसे उद्योगपति मंसूर इजाज ने कहा  कि ओसामा के मारे जाने के ठीक एक सप्ताह बाद नौ मई को एक पाक अधिकारी ने उन्हें फोन कर इस बारे में बताया था।  जरदारी बिना पाक सेना या खुफिया एजेंसी की नजर में आए व्हाइट हाउस के सुरक्षा अधिकारियों से बात करना चाहते थे। जरदारी को इस बात की आशंका थी कि अब पाक में सैन्य तख्तापलट का खतरा मंडरा रहा है। इजाज ने लिखा है कि ऐसी ही किसी स्थिति से बचने के लिए वह अमेरिका का साथ चाहते थे, ताकि अमेरिका सेना प्रमुख पर दबाव बना सकें। पाकिस्तानी अधिकारी ने इजाज को बताया था कि पाक चाहता है कि यह संदेश माइक मुलेन के पास पहुंचे, जो उस समय ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख थे और पाकिस्तान के विश्वसनीय मित्र माने जाते थे।

Related Posts: