नई दिल्ली, 2 अप्रैल. घरेलू मोर्चे पर मुश्किलों में घिरे पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जियारत के लिए 8 अप्रैल को भारत आएंगे। अपनी इस निजी यात्रा के दौरान जरदारी यहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात करेंगे। वर्ष 2005 के बाद पाकिस्तान के किसी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा होगी।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने रविवार को इस्लामाबाद में कहा कि राष्ट्रपति ने अजमेर जाते वक्त आठ अप्रैल को दिल्ली में लंच साथ करने का भारतीय प्रधानमंत्री का न्योता स्वीकार कर लिया है। बाबर ने बताया कि जरदारी की यह यात्रा पूरी तरह से निजी है। हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत के बाद वह उसी दिन पाकिस्तान लौट जाएंगे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के एक सदस्य के अनुसार जरदारी की अजमेर यात्रा पिछले करीब एक साल से प्रस्तावित थी। जरदारी की यह यात्रा भारत और पाकिस्तान की ओर से विशेष रूप से व्यापार के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए उठाए गए हालिया कदमों की पृष्ठभूमि में हो रही है।

दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जरदारी की यह भारत यात्रा पूरी तरह से धार्मिक है, लेकिन भारत सरकार उनके इस एक दिवसीय दौरे पर कुछ राजनीतिक चर्चा शामिल करने की संभावना तलाश रही है। जरदारी और मनमोहन सिंह की पिछली मुलाकात वर्ष 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। जरदारी को हाल में पाकिस्तान के मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमे फिर से खोलने का आदेश दिया है।

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