आदेश निकालकर कहा 28 के बाद सेवाएं समाप्त

नवभारत न्यूज भोपाल,

अतिथि शिक्षकों के आंदोलन से दहशत में आई प्रदेश सरकार ने सभी की सेवाएं 28 फरवरी से समाप्त कर दी हैं. 24 फरवरी को निकाले गए इस आदेश को अतिथि शिक्षकों ने सँगठनात्म एकता में फूट डालने की साजिश करार देते हुए युवा विरोधी करार दिया है.

यहां बता दें कि सोमवार अतिथि शिक्षकों ने मांगे मानने के लिए सरकार को 15 दिन का समय देते हुए आंदोलन समाप्त कर दिया है. समय से नियमित करने और शिक्षकों के समान वेतन की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों यहां पिछले तीन दिनों से भोपाल में डेरा डाले हुए थे.

अंतिम दिन भजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा की टिप्पणी से नाराज होकर संगठन के अध्यक्ष शम्भू चरण दुबे ने पानी की टंकी में चढक़र आत्महत्या का प्रयास भी किया. लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप करने बाद इस शर्त के साथ नीचे उतर आये की मांगें 15 दिन में मान ली जाएंगी. जबकि इससे पहले राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्त ने प्रभात झा की तरफ से माफी भी मांगी है. यह दावा करते हुए दुबे ने चेतावनी भरे लहजे में बताया कि यदि हमारी मांगे नही मानी जाती है तो महासंघ में शामिल लगभग 8 लाख लोग भोपाल में डेरा डालने के लिए मजबूर होंगे.

कई संगठन जुटे

प्रदेश भर से जन स्वास्थ्य रक्षक, प्रेरक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, गोसेवक और मीटर वाचक इस आंदोलन में शामिल थे. भीड़ का अंदाज़ा इसी से लगा सकते है कि जब मैदान में बैठने की जगह नही मिली तो उन्होंने आसपास की सडक़ों पर डेरा डाल दिया. इससे पूरे दिन जाम की स्थिति बनती रही.

नहीं घेर पाए विधानसभा

सेकेंड स्टाप के स्थित अंबेडकर मैदान में अतिथियों का भारी जमावड़ा लगा हुआ था. बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी विधानसभा का घेराव करने की कोशिश में थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हल्का बल प्रयोग भी और वाटर कैनन का भी प्रयोग किया.

शास. स्कूलों में रिक्त पदों के विरुद्ध होगी व्यवस्था

  • स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट की स्थिति

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से प्रारंभ होगा. इस बात को ध्यान में रखते हुए शासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था एक अप्रैल के बाद की जायेगी.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नवीन शैक्षणिक सत्र की अवधि बदलने के कारण इस शैक्षणिक सत्र में अतिथि शिक्षकों की समयावधि 28 फरवरी नियत की गई है. इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आयुक्त लोक शिक्षण, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र, समस्त कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवश्यक निर्देश जारी किये हैं. विभाग ने जानकारी दी कि स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था शिक्षकों के रिक्त पदोंए शिक्षकों के अवकाश और प्रशिक्षण पर जाने के कारण अस्थाई रूप से की जाती है.

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