sumitraअहमदाबाद,  लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के इस बयान पर नया विवाद खड़ा हो सकता है. सुमित्रा महाजन ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि देश में जाति आधारित आरक्षण पर ‘पुनर्विचारÓ होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर भी ऐसा ही चाहते थे.

अहमदाबाद में स्मार्ट सिटीज को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और अफसरों को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा, आंबेडकरजी ने कहा था, 10 साल के लिए आरक्षण दिया जाना चाहिए और इसके बाद समीक्षा की जानी चाहिए. पिछड़े लोगों को इस स्तर पर लाया जाना चाहिए. लेकिन हमने कुछ नहीं किया. यहां तक कि मैं भी इसकी दोषी हूं. हमने इस बारे में सोचा भी नहीं. हमने कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि इसकी समीक्षा की जानी चाहिए.

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