वाशिंगटन,

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के विरुद्ध अबतक की सबसे बड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। श्री ट्रम्प ने कल उत्तर कोरिया की शिपिंग इंडस्ट्री और ट्रेडिंग कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। ट्रम्प प्रशासन की ओर से उत्तर कोरिया के खिलाफ की गई यह अब तक की यह सबसे कड़ी कार्रवाई है। अमेरिकी वित्त विभाग ने 28 जलपोत और नौपरिवहन से जुड़ी जिन 27 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ये कंपनिया उत्तर कोरिया, चीन और सिंगापुर में पंजीकृत हैं।

परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों से दूरी बनाने की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी के बावजूद उत्तर कोरिया के इन कार्यक्रमों काे जारी रखने के कारण अमेरिका ने उसके खिलाफ यह बड़ी घोषणा की है।

श्री ट्रम्प ने कहा कि यह अमेरिका की उत्तर कोरिया के विरुद्ध अबतक की सबसे बड़ी पाबंदी होगी। उन्होंने कहा ,“आज मैं उत्तर कोरियाई शासन के विरुद्ध नए और अबतक के सबसे बड़े प्रतिबंधों की घोषणा करता हूं।”

श्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का वित्त विभाग जल्द ही उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों और सैन्य शक्ति के लिए पैसा मुहैया कराने वाले राजस्व और ईंधन के स्रोत को खत्म करने के लिए कदम उठायेगा। उन्होंने कहा, “हमारी इस घोषणा का उद्देश्य उत्तर कोरिया को पाबंदियों से बचाने में मदद करने वाले पोत, नौ-परिवहन कंपनियां और व्यापारिक कारोबार पर निशाना साधना है।”

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ताजा पाबंदियों की घोषणा से पहले से ही खराब चल रहे अमेरिका और उत्तर कोरिया के संबंधों में और तल्खी आ सकती है। साथ ही, शीत आेलंपिक खेलों के बहाने दोनों कोरियाई देशों के बीच बनी निकटता पर भी इसका असर होगा।

अमेरिका की यह घोषणा उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे- इन के बीच मुलाकात की संभावना के मद्देनजर चल तैयारियाें के बीच आयी है। अमेरिकी उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने दो सप्ताह पूर्व ही दक्षिण कोरिया जाने के क्रम में टोक्यो में ठहराव के दौरान इन पाबंदियाें के संकेत दे दिये थे।

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