राज्य सरकार ने जारी किये कलेक्टरों को निर्देश, कुछ जिलों में इस पर अमल भी शुरू

नवभारत न्यूज भोपाल,

बीते दो अप्रेल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसात्मक घटनाओं में कर्मचारी अधिकारी की मौजूदगी सामने आने के बाद से राज्य सरकार ने अब आगे से किसी भी तरह के प्रदेश में होने वाले आंदोलनों में कर्मचारी अधिकारियों की मौजूदगी को कदाचरण मानते हुए उन पर कड़ी अनुशासत्मक कार्यवाही करने के निर्देश सभी कलेक्टरों को जारी किये है.

वहीं जिलों में सोशल मीडिया पर भी भड़ाकाऊ व अन्य असामाजिक गतिविधियों पर भी निगरानी की जा रही है.राज्य सरकार के निर्देश पर कलेक्टरों ने जिलों में अपने अधिकारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है.

इसी तारतम्य में देवास कलेक्टर ने एक आदेश जारी कर कहा है कि अगर कार्यालय दिवस पर किसी अधिकारी व कर्मचारी ने सार्वजनिक अवकाश लेकर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल होता है या इस तरह की गतिविधि में संलग्न पाए गए तो इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए ब्रेक इन सर्विस की तरह ट्रीट किया जाएगा.

देवास कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अक्सर यह देखने में आ रहा है कि देवास के अधिकारी कर्मचारी सामाजिक-धार्मिक संगठनों के आंदोलन, धरना, प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं. ऐसे आंदोलन से राज्य की सुरक्षा, प्रभुता और लोक प्रशांति व्यवस्था प्रभावित होती है. साथ ही लोक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचता है जो अत्यंत आपत्ति जनक है.

इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग के 2 फरवरी 1991 के प्रावधानों के अनुसार मप्र सिविल सेवा आचरण नियम और अन्य प्रावधानों को देखते हुए यह तय किया गया है कि इस प्रकार के कार्यो में अनधिकृत अनुपस्थिति को ब्रेक इन सर्विस जाएगा और संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.

रायसेन, पन्ना में निषेधाज्ञा प्रभावी

इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षण कर रिपोर्ट देंगे.इसी को देखते हुए रायसेन कलेक्टर भावना वालिम्बे, पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री ने अपने जिलों में धारा 144 लगाकर निषेधाज्ञा प्रभावी कर दी है.

इसमें कहा गया है कि शांति भंग करने, आंदोलन, धरना-प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए भडक़ाऊ संदेश, वीडियो व अन्य बातें फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर मिले तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

सतना कलेक्टर ने भी राज्य सरकार के निर्देश पर अमल शुरू कर दिया है.शेष जिलों में भी व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर व सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों की निगरानी की जा रही है.सोशल मीडिया व अन्य संचार माध्यमों पर कही भी भडक़ाउ या शांति भंग करने वाले पोस्ट मिलते है तो संबंधितों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी.

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