लोकायुक्त की कार्रवाई

लोन राशि पास करवाने के लिए 1 लाख रुपए की रखी थी मांग

नवभारत न्यूज बड़वानी,

शहर के अंजड़ नाका स्थित एक बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को लोकायुक्त टीम ने बायपास रेवा सर्कल से 40 हजार रु. की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।

प्रबंधक द्वारा ग्राम सजवानी निवासी युवक से 7 लाख रु. का लोन पास करवाने के लिए 1 लाख रु. की मांग रखी थी। जिसके तहत उसने फरियादी से दो बार में 50 हजार रु. ले लिए थे। गुरुवार को तीसरी बार शेष राशि लेने प्रबंधक ने फरियादी को अंजड़ रोड पर बुलाया।

जहां उसकी बाइक खड़ी करवाई और कार में बैठाया। रेवा सर्कल का चक्कर लगाया, इस दौरान फरियादी से कार के डेश बोर्ड की डिक्की में 40 हजार रु. रखवाए और फुर होने लगा, लेकिन लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उसे पकड़ लिया।

ग्राम सजवानी के राधेश्याम चोयल द्वारा 3 जनवरी को अंजड़ नाका स्थित आईडीबीआई बैंक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत अपनी छोटी किराना दुकान के विस्तार के लिए 7 लाख रु. के लोन के लिए संपर्क किया था। चूंकी योजना अनुसार आवेदक को 7 में से 2 लाख रु. शासन की ओर से अनुदान प्राप्त होता है। इस राशि के चक्कर में क्षेत्रीय प्रबंधक विकास पाटीदार की नियत घूम गई। उसने फरियादी से लोन पास करवाने के लिए 1 लाख रु. की पेशकश की थी।

फरियादी राधेश्याम ने बताया कि लोन पास करवाने के लिए बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की मांग पर 27 मार्च को कागजी कार्रवाई के लिए 10 हजार रु. दिए। इसके बाद 28 मार्च को फिर प्रबंधक ने 40 हजार रु. लिए।

इसके बाद इसी दिन शाम को प्रबंधक ने फरियादी से कहा कि गुरुवार को शेष 50 हजार रु. की व्यवस्था कर दो, आपका डीडी बनाकर दे दिया जाएगा। इस पर फरियादी ने राशि कम करने को कहा, तो 40 हजार रु. देना तय हुआ। जिसके बाद लोकायुक्त को शिकायत दर्ज करवाई।

बैंक प्रबधंक के ग्राम पहुंची टीम

क्षेत्रीय बैंक प्रबंधक को 40 हजार रु. रिष्वत लेने की कार्रवाई करने के बाद लोकायुक्त की एक टीम प्रबंधक के गृहग्राम मांडवी (धार) पहुंची। इस दौरान फरियादी द्वारा पूर्व में प्रबंधक को दिए 50 हजार रु. की जांच-तलाष की। हालांकि टीम रिष्वत के रुपए बरामद नहीं कर सकी।

फिलहाल टीम प्रबंधक से पूर्व में लिए गए रुपयों के बारे में पूछताछ कर ही है। ज्ञात हो कि फरियादी द्वारा मैनेजर से पैसे को लेन-देन को लेकर की गई रिकार्डिंग भी लोकायुक्त टीम को सौंपी।

रुपए लेने के बाद लोकायुक्त ने कार को घेरा

इसके बाद गुरुवार को प्रबंधक ने फरियादी को अंजड़ रोड बुलाया। यहां फरियादी द्वारा 40 हजार रु. देने पर, उसने कहा कि 10 हजार रु. और दे दो तो 2-3 दिन में अनुदान राशि भी क्लीयर करवा दूंगा।

यहां रुपए डिक्की में रखवाने के बाद जैसे ही फरियादी उतरा, लोकायुक्त टीम के 6-7 सदस्यों ने प्रबंधक की कार को घेर लिया और उसे धरदबोचा। शहर के सर्किट हाउस में लोकायुक्त टीम ने क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की और मीडिया के सामने मामला पेश किया। इस दौरान रिश्वतखोर प्रबंधक मुंह छिपाए बैठा रहा।

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