नयी दिल्ली,

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि सरकार सरल और पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिए गरीबों और वंचितों को मजबूती देकर आर्थिक लोकतंत्र को सुदृढ़ कर रही है।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार गरीबों की पीड़ा महसूस करती है और उसकी योजनाओं से देश में आर्थिक लोकतंत्र सशक्त हो रहा है। देश बैंकिंग प्रणाली और गरीब के बीच की खाई को पूरी तरह खत्म करने की ओर बढ़ रहा है।

‘जनधन योजना’ के तहत लगभग 31 करोड़ गरीब लोगों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इस योजना के शुरू होने से पहले, देश में महिलाओं के बचत खातों की संख्या लगभग 28 प्रतिशत थी जो बढ़कर 40 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है।

उन्होेंने कहा कि सरकार ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए, विशेषकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए, बिना बैंक गारंटी कर्ज देने पर जोर दिया है। लोग अपना उद्यम चलाने के लिए आसानी से कर्ज ले रहे हैं।

‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और चार लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज दिया गया है।लगभग तीन करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार इस योजना का लाभ उठाया है और स्वरोजगार शुरू करने में सफल हुए हैं।