इजरायल के प्रधानमंत्री श्री बैजामिन नेतन्याहू अपनी 6 दिवसीय यात्रा पर भारत के दौरे पर आये हैं. इससे 15 साल पहले इजरायल के प्रधानमंत्री श्री एरियल शेरान भारत आये थे. कुछ समय पूर्व भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इजराइल की यात्रा पर गये थे.

श्री मोदी एवं श्री नेतन्याहू के बीच गहरी निजी मित्रता भी है. श्री नेतन्याहू के आगमन पर श्री मोदी ने प्रोटोकाल तोडक़र विमान तल पर पहुंचकर उनकी अगवानी की. इजरायली प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू के साथ उनकी पत्नी श्रीमती सारा और भारी भरकम 130 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल भी साथ आया है.

इन 6 दिनों में दोनों देशों के रक्षा उपकरणों के निर्माण व कृषि क्षेत्र में अनेकों दूरगामी व स्थाई प्रवृत्ति के समझौते होने जा रहे हैं इसमें 430 करोड़ रुपयों का बराक मिसाइल समझौता सबसे महत्वपूर्ण माना है.

इजरायल ने अपने देश में चमत्कारी अनुसंधान व कृषि विकास किया है. इसने एक रेगिस्तानी मुल्क को कृषि भूमि का देश बना दिया और पानी की कमी को पूरा करने के लिए इसने समुद्र के खारे पानी को ही मीठा बना लिया. कृषि में प्लास्टिक के शीट के ताप को नियंत्रित करके ग्रीन हाऊस की खेती दुनिया को इजरायल की ही देन है.

भारत रक्षा के क्षेत्र में अति उन्नत हो गये इजरायल से मेक इन इंडिया के तहत कई रक्षा उपकरण समझौते करने जा रहा है. भारत इजरायल से समुद्री पानी को मीठा कर पीने व खेती की सिंचाई योग्य बनाने की विधि ‘‘डीसेलीनेशन प्लांट’’ में बहुत ही ज्यादा लाभ है.

भारत के तीन ओर पूर्व-दक्षिण-पश्चिम में बंगाल-ओडीसा-आंध्र-तमिलनाडु, केरल-कर्नाटक-गोवा-महाराष्ट्र और गुजरात तक 7000 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा है, जो बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर, मुम्बई की खाड़ी और अरब सागर से निर्मित है. इन तटों पर समुद्री पानी मीठा करने से अनेकों शहरों और करोड़ों एकड़ जमीन में पीने व सिंचाई का पानी विपुल मात्रा में उपलब्ध हो जायेगा.

इस 6 दिवसीय दौरे में दोनों प्रधानमंत्री व बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मंडल रक्षा, कृषि, व्यापार, साइबर क्राइम, इजरायल के तेल व गैस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों का निवेश, रिन्यूवेबल इनर्जी में इजरायली तकनीकी सहयोग, सिविल एबिएशन, अंतरिक्ष शोध औद्योगिक रिसर्च और दोनों देशों के बीच परस्पर विदेशी निवेश के अहम समझौते होंगे. भारत-इजरायल के बीच प्रगाढ़ होते जा रहे संबंधों से भारत में विकास की गति को अनेक क्षेत्रों में बहुत तेजी आयेगी.

इजरायल दुनिया का एकमात्र राष्टर है जिसकी यहूदी जाति ने दुनिया में सर्वाधिक संकट झेला. मध्य युग में अरब के मुस्लिम साम्राज्य ने उन्हें बेवतन कर दिया और सदियों तक वे दूसरे देशों खासकर यूरोप के देशों में राष्ट विहीन (स्टेटलैस) नागरिक खानाबदोश लोगों की तरह घूमते व निकाले जाते रहे हैं. द्वितीय विश्व युद्ध में तो जर्मनी के हिटलर ने इस जाति का नरसंहार (जीनोसाइड) किया.

लाखों यहूदी केवल इसलिये मार दिये गये कि वे यहूदी हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्रों में 1948 में इजरायल को पुन: राष्ट्र  के रूप में निर्मित किया और यहूदी कई सदियों के बाद अपने देश लौटे. यह भाग अरबों के समय में रेगिस्तान ही था, जो आज उन्नत कृषि देश और सश सैनिक शक्ति का देश है.

बरसों तक अरब के मुस्लिम  ने इसे स्वीकार नहीं किया और इस पर हमले करते रहे. लेकिन इजरायल भी एक बार अरब के 6 राष्ट्रों से एक साथ युद्ध में भिड़ गया और उन सभी को परास्त कर दुनिया के सैनिक इतिहास में बेमिसाल सैन्य शक्ति बन गया. इजरायल पर जब भी अरब का कोई देश हमला करता था इजरायल फौरन उसका जवाब हमले से देता है.

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