बटला हाउस केस, एनआईए कर रही सख्ती से पूछताछ

आजमगढ़,

दिल्ली में 10 साल पहले हुए बटला हाउस एनकाउंटर के दौरान फरार संदिग्ध आतंकी आरिज उर्फ जुनैद की गिरफ्तारी के बाद उसके चार अन्य साथियों की तलाश शुरू हो गई है. दरअसल, उन आतंकियों के तार इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं.

बिहार के मुजफ्फरपुर से जुनैद 2004-05 में इंजिनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए बाहर चला गया लेकिन वह किसके-किसके संपर्क में रहा, परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं है. पैतृक घर से 2008 में निकलने के बाद वह कहां रहा, इतने दिन गायब रहने पर परिवारवालों ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस को कुछ जानकारी नहीं मिल सकी.

जुनैद की गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ जिले का नाम फिर से सुर्खियों में आ गया है. दिल्ली के बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान आरिज फरार हो गया था. आरिज के साथ-साथ 4 युवकों जिनपर एनआईए ने दस-दस लाख का इनाम घोषित कर रखा है अब उनकी तलाश तेज हो गई है.

आतंकी संगठनों में कितने मुस्लिम, यह भी बताएं ओवैसी

बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी और असदुद्दीन ओवैसी अक्सर एक दूसरे पर जुबानी तीर छोड़ते रहते हैं.दोनों ही एक दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं चूकते. स्वामी ने ओवैसी पर ताजा हमला एआईएमआईएमनेता के सुंजवान आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों पर दिए बयान को लेकर बोला है.

बीजेपी नेता ने ओवैसी पर हमला करते हुए गुरुवार को ट्वीट किया, ओवैसी आर्मी में शहीद हुए मुस्लिम जवानों को गिन सकते हैं, लेकिन क्या वह आर्मी पर हमला करने वाले आतंकवादी संगठनों में शामिल मुस्लिमों की भी गिनती कर सकते हैं?

बता दें कि हाल ही में जम्मू के सुंजवान में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में सेना के 6 जवान शहीद हुए थे और एक सिविलियन की भी मौत हुई थी. सेना ने 4 आतंकियों को भी ढेर किया था. जवानों की शहादत को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हुए ओवैसी ने कहा था कि मुसलमान भी देश के लिए शहादत देते हैं लेकिन उन्हें शक की नजर से देखा जाता है.

ओवैसी ने कहा था, रोजाना रात में 9 बजे टीवी चैनलों के ऊपर मुसलमानों की राष्ट्रीयता पर सवाल उठाए जाते हैं, कश्मीरियों पर इल्जाम लगाए जाते हैं. अब 7 में से 5 मरने वाले मुसलमान हैं, अब इसके ऊपर क्यों नहीं बोला जा रहा है कि मरने वाले भी मुसलमान हैं.

इस पर पूरे मुल्क में खामोशी क्यों हैं, सन्नाटा क्यों हैं? इससे उनलोगों को सबक हासिल करना पड़ेगा जो मुसलमानों की वफादारियों पर शक करते हैं, जो मुसलमान को आज भी पाकिस्तानी कह कर पुकारते हैं.हम तो जान दे रहे हैं. आतंकी सभी को सिर्फ हिन्दुस्तानी मानते हैं और उन्हें गोली मारते हैं लेकिन हिन्दुस्तान में कुछ लोग अभी भी मुसलमानों पर शक करते हैं.

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