नयी दिल्ली,

कई दशकों से आयुर्वेदिक औषधि बाजार में धाक रखने वाली कंपनी बैद्यनाथ आयुर्वेद ने दैनिक खपत के इस्तेमाल की वस्तुओं के कारोबार में कदम रखते हुए अगले तीन वर्षों में 130 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है।

कंपनी ने प्राकृतिक,जैविक और आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखकर दिल्ली के पाॅश इलाके राजौरी गार्डन में पहला एक्सक्लूसिव रिटेल स्टोर“ आयुर्वेदांत” खोला है। अगले दो साल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऐसे 30 स्टोर खोले जायेंगे।

बैद्यनाथ आयुर्वेद के कार्यकारी निदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि रोजाना की खपत के उत्पादों का उत्पादन करने के लिए उत्तर प्रदेश के झांसी में 100 करोड़ रुपए के निवेश से एक इकाई स्थापित की जा रही है। इस इकाई के उत्पादन शुरु करने से 600 लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा।

इसके अलावा उत्तराखंड और हिमाचल की मौजूदा इकाइयों को उन्नत बनाने पर 30 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। श्री शर्मा ने बताया कि कंपनी के करीब 700 उत्पाद हैं और युवाओं की बदलती पसंद को पूरा करने की योजना के तहत इस क्षेत्र में प्रवेश किया है।

श्री शर्मा ने बताया कि इन स्टोरों में आयुर्वेद के अनुभवी प्रशिक्षित वैद्य की सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध होंगी। जीवन शैली में तेजी से आ रहे बदलाव की वजह से युवाओं में बढ रहे हृदयरोग, काेलस्ट्राॅल, मधुमेह, गठिया,मोटापा, तनाव, अनिद्रा. बेचैनी और त्वचा रोग जैसी बीमारियों का आयुर्वेद में उपचार बहुत प्रभावी रहा है।

कार्यकारी निदेशक ने बताया कि निजी देखभाल उत्पादों की श्रृंखला “ मंत्रा हर्बल्स” का बहुत तेजी से विस्तार हो रहा है। अमेरिका में मंत्रा का निर्यात पहले से ही किया जा रहा है । इस ब्रांड को अमेरिका खाद्य एवं औषधि नियामक से मंजूरी मिल चुकी है और वहां मिशिगन में बैद्यनाथ ने सहयोगी कंपनी भी स्थापित की है। इसके अलावा 30 अन्य देशों में इन उत्पादों का निर्यात होता है।

श्री शर्मा ने बताया कि रोजाना खपत के उत्पादों में कंपनी के जैविक मसाले, बीज, हेल्थ फूड और अन्य खाद्य सामग्री हैं। कंपनी का बैद्यनाथ आयुर्वेद का व्यापक वितरण नेटवर्क है और करीब 10 लाख दुकानों पर यह उपलब्ध है।

बैद्यनाथ अपने रोजाना खपत वाले उत्पादों को स्थानीय दुकानों तक पहुंचाने के लिए बडा नेटवर्क स्थापित करेगी। एफएमसीजी कारोबार के लिए 100 वितरक नियुक्त किए जायेंगे। इसके अलावा आॅनलाइन वितरण के लिए ई कामर्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी अमेजन के माध्यम से अमेरिका में मंत्रा की बिक्री कर रही है और भारत में भी इसके लिए करार किया गया है।

जैविक ब्रांड प्रमाणीकरण के लिए तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं में जैविक उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ेगा। कंपनी नये उत्पादों को ग्राहकों के बीच में लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न विज्ञापन प्रचार माध्यमों का सहारा लेगी और इस के लिए 38 करोड़ रुपए का बजट रखा है।

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