हाईकोर्ट के आदेश पर संजीव श्रीवास्तव ने संभाली कुर्सी

बैतूल,2 दिसम्बर नससे. जिला मुख्यालय का तहसील कार्यालय आज दिन भर किसी ड्रामे के मंच जैसा बना रहा, सुबह 10.30 बजे उच्च न्यायालय का आदेश लेकर एसडीएम संजीव श्रीवास्तव दफ्तर पहुंचे और एसडीएम की कुर्सी सम्हाल ली. कुछ ही देर बाद एसडीएम का प्रभार सम्हाल रहे डिप्टी कलेक्टर सत्येंद्र अग्रवाल भी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और स्वयं को एसडीएम बताते हुए संजीव श्रीवास्तव से कुर्सी से हटने की मांग कर डाली.

इस घटनाक्रम के बाद जो कुछ घटा वह बैतूल जिले के इतिहास में सम्भवत: पहली बार हुआ है जिसने प्रशासनिक हठधर्मिता को आमजन के सामने ले आया है. मामले की शुरूआत एसडीएम संजीव श्रीवास्तव के तबादला आदेश पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से हुई थी जिसे नजर अंदाज करते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें 22 नवम्बर को एक तरफा रिलीव करने का आदेश जारी कर दिया था. इस मामले में एसडीएम संजीव श्रीवास्तव ने न्यायालय की अवमानना और रिलीव करने के आदेश पर स्थगन दिए जाने की गुहार उच्च न्यायालय से की जिस पर एक दिसम्बर को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई और न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन ने रिलीव आदेश पर रोक लगाते हुए कलेक्टर बैतूल, जीएडी के सचिव और अवर सचिव को न्यायालय की अवमानना के मामले में नोटिस जारी कर दिए.

एक कार्यालय तो दूसरे कोर्ट में बैठे रहे – एसडीएम कार्यालय में सुबह 10.30 बजे से दो-दो एसडीएम का मौजूद होना आमजन के लिए बेहद कोतूहल का विषय बना रहा. न्यायालय के आदेश पर संजीव श्रीवास्तव जहां एसडीएम की कुर्सी पर बैठे रहे वहीं कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम का प्रभार सम्हाल रहे डिप्टी कलेक्टर सत्येंद्र अग्रवाल एसडीएम न्यायालय में बैठकर कामकाज निपटाते रहे.

जमकर हुई बहस- एसडीएम कार्यालय में संयुक्त कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और डिप्टी कलेक्टर सत्येंद्र अग्रवाल के मध्य उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश की प्रति न लेने को लेकर जमकर बहस हो गई. दोनों ही अधिकारियों ने एक दूसरे को भला-बुरा तक कह डाला. मीडियाकर्मियों के समक्ष हुई बहसबाजी काफी देर तक चलती रही फिर भी डिप्टी कलेक्टर सत्येंद्र अग्रवाल ने संजीव श्रीवास्तव द्वारा दिए जा रहे न्यायालय के आदेश को नहीं स्वीकारा.

देर शाम तक बना रहा असमंजस- दो एसडीएम का मामला शाम तक उलझा रहा लेकिन करीब 4.3० बजे एसडीएम कार्यालय में बैठे सत्येंद्र अग्रवाल ने संजीव श्रीवास्तव को कार्य करने के लिए कहा और कार्यालय से रवाना हो गए. इस दौरान दोनों ही अधिकारियों ने सुबह हुई बहस के लिए एक दूसरे से माफी भी मांग ली. एसडीएम कार्यालय में श्री अग्रवाल ने कहा कि दोनों ने सहमति से उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का निर्णय ले लिया है जिसके चलते अब एसडीएम का कार्यभार संजीव श्रीवास्तव ही सम्हालेंगे. दोपहर करीब 1.3० बजे जिला कलेक्टर कार्यालय से रवाना हो गए जिसके चलते एसडीएम का कार्यभार सम्हाल रहे सत्येंद्र अग्रवाल को कोई आदेश नहीं मिल पाया. श्री अग्रवाल के मुताबिक वे कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए एसडीएम का प्रभार सम्हाल रहे हैं. अब उन्हें जिला कलेक्टर के अग्रिम आदेश का इंतजार है. उच्च न्यायालय के आदेश की छायाप्रति संयुक्त कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा कलेक्ट्रेट अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत की परंतु उन्हें पावती देने से इंकार कर दिया. इतना ही नहीं दोनों छायाप्रति रख ली गई. दोपहर बाद संजीव श्रीवास्तव ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा जिसमें न्यायालय के आदेश की अवमानना करते हुए उन्हें एसडीएम का कार्य करने में डिप्टी कलेक्टर सत्येंद्र अग्रवाल के द्वारा बाधा पहुंचाने के कारण पुन: न्यायालय में जाने का उल्लेख किया गया. इस पत्र के बाद उच्च न्यायालय के आदेश को अधीक्षक कार्यालय ने रिसीव कर लिया.

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