सीजर सुविधा जिला अस्पताल के बिना फेल

नवभारत न्यूज बैतूल,

जिले की स्वास्थ्य सेवाओंं में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन अस्पतालों में स्टाफ की स्थिति वहीं ढाक के तीन पात है. यहीं वजह है कि अस्पतालों में बढ़ाई जा रही सुविधाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है.

कहने को तो जिले में दस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है लेकिन जरा सी दिक्कत मरीज को होने पर उसे सीधे जिला अस्तपाल रिफर कर दिया जाता है. मामला यदि गर्भवती महिलाओं का हो तो सामान्य प्रसव को भी अक्सर जिला अस्पताल भेज दिया जाता है जिससे जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के दो सामुदयिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हाईटेक करने के प्रयास किए जा रहे है लेकिन स्टाफ न होने के कारण इन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बढ़ाई गई सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

जानकारी के अनुसार मुलताई एवं घोड़ाडोंगरी स्वास्थ्य केन्द्रों में सीजर ऑपरेशन की सुविधा तो है लेकिन यहां होने वाले ऑपरेशन जिला अस्पताल की टीम पर आश्रित है. जानकारी के अनुसार इन अस्पतालों में ब्लड लगाने की सुविधा भी शुरु हो चुकी है लेकिन जिला अस्पताल पर ही यह सुविधाएं भी आश्रित रहेगी.

एक ऑपरेशन के लिए पूरी टीम के दो घंटे बर्बाद

मुलताई और घोड़ाडोंगरी स्वास्थ्य केन्द्रों में सीजर ऑपरेशन यदि किए जाते है तो इसके लिए जिला अस्पताल से टीम भेजी जाती है ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता. बिना बैतूल अस्पताल की टीम के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के ऑपरेशन थियेटर मात्र शोपीस है.

मुलताई और घोड़ाडोंगरी अस्पताल में जिला अस्पताल से सर्जन और निश्चेतक विशेषज्ञ की टीम जाती है इस दौरान दो घंटे का समय आवागमन में ही चला जाता है. इन दो घंटे में जिला अस्पताल में कई मरीजों का टीम उपचार कर सकती है.

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