अल्पसंख्यक कांग्रेस ने दी चेतावनी

भोपाल,

उपनगर करोंद जोन क्रमांक 17 स्थित समस्त कब्रिस्तानों एवं मरघटों में दुर्दशा का आलम है. यदि प्रतिनिधियों एवं प्रशासन ने जल्द इनकी सुरक्षा एवं सौन्दर्यीकरण एवं सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया तो इस हेतु जिला अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा.

इसका विकास न होने कारण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता बताई. सैयद उस्मान अली जिला अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि करोंद के वार्ड क्रमांक 77 कमल नगर स्थित 2 एकड़ 30 डिसमिल में बने कब्रिस्तान में किसी भी प्रकार की सुरक्षा नहीं है.

यदि कोई व्यक्ति अपने परिजनों को यहां दफ नाता है तो उसका शव किसी प्रकार से भी सुरक्षित नहीं. यहां लगी तार की बाउंड्री पूर्णत: टूट चुकी है. इस कारण रात बिरात यहां जानवरों सहित कुत्तों का आतंक रहता है.

इससे कभी भी किसी भी प्रकार का विवाद होने की आशंका है. वहीं कब्रिस्तान के चारों ओर कुछ भूमाफि याओं द्वारा शासकीय व अशासकीय भूमि कब्रिस्तान की जगह मिलाकर बेच दिया गया है, जिसके कारण यहां निरंतर अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है. जिला अध्यक्ष ने क्षेत्रीय पार्षद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह स्वयं भी नहीं चाहते ही यहां बाउंड्री बने.

लांबाखेड़ा में भी अतिक्रमण

वार्ड 79 लांबाखेड़ा स्थित कब्रिस्तान में भी आसपास रहने वालों ने ही अपने रोजमर्रा के काम काज हेतु उसपर अतिक्रमण कर रखा है. इससे जब कोई व्यक्ति खत्म होता है तो उसे अतिक्रमण वाले स्थान को छोड़ कब्र के लिए खुदाई करनी पड़ती है. यहां से भी जल्द अतिक्रमण हटना चाहिए.

मरघटों में खड़े होना मुश्किल

जिला अध्यक्ष ने कहा कि करोंद में मुस्लिम समुदाय से ज्यादा हिन्दू भाई हैं. फि र भी अधिकांश बार शव को हिन्दू भाई करोंद के शमशानों की जगह छोला शमशान घाट ले जाते हैं. कारण क्षेत्र में स्थित शमशान घाटों में इतनी गंदगी है कि वहां खड़े होना भी मुश्किल है. इनका और कब्रिस्तानों का विकास न होने पर सैयद उस्मान अली ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक जो वर्तमान में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें इस ओर ध्यान देना था.

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