नहीं लगेंगे नए टैक्स

भोपाल,

मेयर आलोक शर्मा, कर्ज में डूबे भोपाल नगर निगम का शनिवार को परिषद की बैठक में बजट पेश करेंगे. नगर निगम इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि कमिश्नर प्रियंका दास बजट पेश करने के दौरान मौजूद नहीं रहेंगी.

मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट 1900 करोड़, तक की आय और इतने की खर्चों का हो सकता है. पिछला बजट एक हजार 739 करोड़ की आय और इतने ही खर्च का था. माना जा रहा है कि इलेक्शन ईयर के चलते इस बजट में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी.

निगम अपनर कमाई के स्त्रोत को बढ़ाने पर भी इस बजट में जोर देगी. पिछले बजट में विभिन्न स्त्रोतों से निगम ने 800 करोड़ से अधिक की आमदनी प्रस्तावित की थी. मगर निगम को सिर्फ 350 करोड़ के करीब ही इस वित्त वर्ष में आय हो पाई है.

विदित हो कि भोपाल निगम पर 21 अरब बीस करोड़ 32 लाख रुपए के कर्ज, 2016-17 के वित्तीय वर्ष में थे. अब यह कर्ज बढक़र 38 अरब 25 करोड़ 9 लाख रुपए हो गए हैं. यह कर्ज निगम की खसरा नम्बर व रकबा संपत्ति से अधिक है.

कांग्रेस ने की एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने की मांग

कर्ज में डूबे भोपाल नगर निगम द्वारा शनिवार को अपना बजट पेश करने पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है. नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने मांग की है कि नगर निगम में सरकार अपना एडमिनिस्ट्रेटर तुरंत नियुक्त करे. नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर और पार्षद एडवोकेट शगुफ्ता जकी ने यह मांग एक पत्रकार वार्ता में शुक्रवार सुबह की है.

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि नगर निगम भोपाल पर भुगतान योग धनराशियां समस्त अवशिष्ट उधार धनों तथा ऋणों सहित कुल मिलाकर नगर में भूमियों तथा भवनों के वार्षिक मूल्य के दुगने से अधिक हो गई है. सगीर ने बताया कि निगम पर 21 अरब बीस करोड़ 32 लाख रुपए के कर्ज, 2016-17 के वित्तीय वर्ष में थे.

अब यह कर्ज बढक़र 38 अरब 25 करोड़ 9 लाख रुपए हो गए हैं. यह कर्ज निगम की खसरा नम्बर व रकबा संपत्ति से अधिक है. इस हिसाब से नियामनुसार निगम पर पूरा होल्ड शासन का हो जाता है. सगीर ने कहा कि ऐसी स्थिति में नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 पृष्ठ 53 से 57 तक जिन धाराओं का उल्लेख किया है उनमें नगर निगम की ऋण लेने की शक्ति की सीमा सीमित की गई हैं.

इसलिए सरकार को भोपाल नगर निगम में नगर पालिका अधिनियम के अनुसार तुरंत ही एडमिनिस्ट्रेटर बैठाना चाहिए. सगीर ने आगे बताया कि इन कर्ज में एडीबी के 199.32 करोड़ हैं. जेएनएनयूआरएम के 350 करोड़ हैं. बीसीएलएल बस योजना की राशि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 21 अरब 20 करोड़ 32 लाख और इस वर्ष 17 अरब 3 करोड़ 87 लाख 900 रुपए हो गई है. भोपाल नगर निगम को हुडको से लिए 22 करोड़ 40 लाख रुपए का कर्ज देना है.

Related Posts:

केन्द्रीय विद्यालय में विशिष्ट योगदान के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार
भाजपा ने चुनावों में सफलता का श्रेय दिया युवा मोर्चा को
इज्तिमा स्थल का अवलोकन : व्यवस्थाओं में हरसंभव मदद करेंगे
अद्वैतवाद दर्शन में दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान
जनसम्पर्क मंत्री मिश्र ने सांसद चौहान के पारिवारिक समारोह में हिस्सा लिया
युवक ने फांसी लगाकर दी जान