6550 श्रमिकों ने पंजीयन हेतु जमा किये आवेदन पत्र

भोपाल,

नगर निगम द्वारा असंगठित श्रमिकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से शहर के असगंठित श्रमिकों के पंजीयन करने हेतु समस्त वार्ड कार्यालय, जोन कार्यालय एवं नागरिक सुविधा केन्द्रों सहित अन्य स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.

कलेक्टर सुदाम खाड़े व निगम आयुक्त प्रियंका दास ने सहायक श्रम आयुक्त जसमीन सितारा के साथ मंगलवार को वार्ड क्र. 42, 43, 33, 69 व 71 में निगम के वार्ड कार्यालयों और शिविरों में किये जा रहे असंगठित श्रमिकों के पंजीयन कार्य का अवलोकन किया.

इस मौके पर उन्होंने श्रमिकों के पंजीयन के आन लाइन फीडिंग कार्य को देखा. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर खाड़े एवं निगम आयुक्त दास ने पंजीयन कार्य में संलग्न संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिये.

नगर निगम द्वारा आयोजित शिविरों में मंगलवार को 6550 असंगठित श्रमिकों ने पंजीयन हेतु आवेदन फार्म जमा कराए. नगर निगम द्वारा प्रतिदिन निगम के वार्ड, जोन कार्यालय व नागरिक सुविधा केन्द्र सहित अन्य चिन्हित स्थलों पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.

उठाएं लाभ

शिविरों में कृषि मजदूर, घरेलू श्रमिक, फेरी लगाने वाले, दुग्ध श्रमिक, मछली पालन श्रमिक, पत्थर तोडऩे वाले, ईंट बनाने वाले, गोदामों में काम करने वाले, मोटर परिवहन, हथकरघा, पावर रूम, रंगाई-छपाई, सिलाई, अगरबत्ती बनाने वाले, चमड़े की वस्तु बनाने वाले, ऑटो रिक्शा चालक, आटा, तेल, चावल, दाल मिलों में काम करने वाले, लोहार, बढ़ई तथा माचिस एवं आतिशबाजी उद्योग में लगे श्रमिक, प्लास्टिक उद्योग, कचरा बीनने वाले, हम्माल, तुलावटी, श्रमिक आदि कार्य करने वाले जो आयकर दाता न हों वह उनके क्षेत्र में स्थित वार्ड कार्यालय, जोन कार्यालय, नागरिक सुविधा केन्द्र व अन्य समीपस्थ स्थल पर निगम द्वारा आयोजित शिविरों में जाकर अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करायें और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें.

असंगठित श्रमिकों के लिये शासन की योजना के मुताबिक 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली प्राप्त होगी जबकि गर्भवती श्रमिक महिलाओं के लिये पोषण आहार के लिये 4000 रूपये. प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे. घर के मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को 2 लाख रूपये तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता.

हर भूमि हन श्रमिक को भूखंड या मकान, स्व रोजगार के लिये ऋण. साईकिल रिक्शा चलाने वाले को ई रिक्शा और हाथ ठेला चलाने वाले को ई लोडर का मालिक बनाने की पहल. बैंक ऋण की सुविधा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार रूपये की सबसिडी दी जायेगी.

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