नयी दिल्ली,

कांग्रेस ने आज कहा कि वह किसी भी न्यायधीश के खिलाफ नहीं है और उच्च्तम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस से संबंधित याचिका न्यायालय की सर्वोच्चता और स्वतंत्रता बनाए रखने के उद्देश्य से दाखिल की गयी थी।

कांग्रेस सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडु द्वारा नामंजूर किये जाने के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी लेकिन इनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने यह याचिका आज वापस ले ली। याचिका वापस लिये जाने के मद्देनजर न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया।

बाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री सिब्बल ने यहां पाटी मुख्यालय में जल्दबाजी में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने न्यायालय से यह बताने का अनुरोध किया था कि इस याचिका की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन किसके आदेश से किया गया है और इस बारे में कोई उत्तर नहीं मिलने पर उन्होंने याचिका वापस ले ली।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय की प्रतिष्ठा, गरिमा और निष्ठा में पूरा भरोसा करती है। पार्टी को न्यायालय के किसी न्यायाधीश से व्यक्तिगत रुप से कोई शिकायत नहीं है। पार्टी का प्रयास न्यायालय की सर्वोच्चता और स्वतंत्रता , प्रशासनिक प्रणाली को व्यवस्थित करने और कामकाज की प्रक्रिया को स्वच्छ रखने का हैं।

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