मंत्री रामपाल सिंह व उनके परिवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग

  • प्रीति रघुवंशी मामले में राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

भोपाल,

कांग्रेस विधायक दल ने आज प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले को लेकर मंत्री और उनके पुत्र गिरजेश प्रताप सिंह पर कार्रवाई की मांग करते हुए राजधानी भोपाल में मौन उपवास किया. उपवास के बाद राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया.

रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस विधायक दल के इस मौन उपवास में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत बहुत से विधायक शामिल हुए. पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव और संगठन से जुड़े कई अन्य नेता भी मौन उपवास में मौजूद रहे.

चार घंटे मौन उपवास के बाद यादव और सिंह के नेतृत्व में सभी विधायक और कांग्रेस नेता पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में सिंह और उनके परिवार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की गई है.

ज्ञापन में कहा गया है कि लडक़ी के पिता ने अपने आवेदन में मंत्री सिंह , उनके पुत्र गिरजेश सहित अन्य परिजन को अपनी पुत्री प्रीति की आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है. इसलिए इनके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए.

कांग्रेस के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है.

मंत्री सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी के रायसेन जिले स्थित उदयपुरा में अपने घर में फांसी लगाने के मुद्दे से प्रदेश में कई दिन से राजनीति गर्मायी हुई है. बताया जा रहा है कि मंत्री पुत्र गिरजेश ने कुछ महीने पहले प्रीति से राजधानी भोपाल में आर्य समाज मंदिर में शादी की थी. परिवार ने पिछले दिनों गिरजेश की सगाई कहीं और कर दी, जिससे व्यथित होकर प्रीति ने आत्महत्या कर ली.

मंत्री सिंह ने पहले प्रीति को अपनी पुत्रवधू मानने से इनकार कर दिया, लेकिन गिरजेश के प्रीति के अस्थि संचय में शामिल होने के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है. विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की कांग्रेस की लगातार मांग और हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही भी कल निर्धारित समय से सात दिन पहले ही स्थगित हो गई थी.

प्रीति के पिता ने सिंधिया से मांगी मदद

प्रीति आत्महत्या मामले में मंत्री रामपाल सिंह व उनके बेटे गिरजेश सिंह की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रीति के परिजनों को गुरुवार को डीजीपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की. समझा जाता है कि महिला थाने में प्रीति के परिजनों के बयान लिये जा रहे हैं. साथ ही प्रीति के पिता ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की मांग की है.

पत्र में प्रीति के पिता ने लिखा है कि मंत्री पुत्र की दूसरी जगह शादी होने की जानकारी मिलते ही आहत होकर उनकी बेटी ने यह कदम उठाया था. मृतिका के भाई मंजीत सिंह ने जारी वीडियो में यह कहते दिख रहे हैं कि अफवाहे फैलाने में कुछ अपने वाले हैं और कुछ अन्य समाज के. हम अभी भी संघर्ष कर रहे हैं.

पुलिस दबाव बना रही है, जिससे हम लोग बयान बदलें और उनके पक्ष में दे. सामाजिक व मानसिक रूप से भी प्रताडि़त किया जा रहा है. हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे, क्योंकि हमने बहन खोई है.

इसके पहले नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि स्थितियां स्पष्ट होने के बाद भी मामले में अब तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की गई है. उन्होंने शासन पर मंत्री को बचाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह मामला जनता के बीच ले जाएगी.

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