नयी दिल्ली,

केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा है कि सरकार कावेरी जल विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए जल्द ही एक योजना बना रही है।

श्री मेघवाल ने आज यह जानकारी ऐसे समय दी है जब पिछले सप्ताह संसद का बजट सत्र समाप्त हुआ है, जिसमें अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर प्रत्येक दिन जबर्दस्त हंगामा किया, जिससे सदन सुचारू रूप से नहीं चल सका।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी के बीच जल विवाद को निपटाने के लिए सरकार ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुरूप यह योजना बनाने का निर्णय लिया है अौर इसे मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जायेगा। इसके बाद ही उच्चतम न्यायालय में सरकार इसे प्रस्तुत करेगी।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि इस जल विवाद को सुलझाने के लिए एक बोर्ड का गठन करे और उसके जरिये इस समस्या का समाधान हो। न्यायालय ने इस योजना को प्रस्तुत करने के लिए सरकार को तीन मई तक का समय दिया है।

श्री मेघवाल ने बताया कि उन्होंने जल विवाद से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन सचिवों से बातचीत की है और सरकार द्वारा अदालत में पेश की जाने वाली योजना के बारे में उनसे उनकी राय ली है। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड के गठन के बारे में सदस्यों के चयन को लेकर सरकार सम्बद्ध राज्यों से विचार विमर्श करेगी।

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने गत 16 फरवरी को कावेरी नदी जल विवाद मामले में फैसला सुनाया था और केंद्र को छह सप्ताह के भीतर एक जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने का आदेश दिया था। इसकी अवधि समाप्त होने के बाद तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया है। अन्य राज्यों ने भी अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।